Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

सुखदुःख की कहानी

आँखों में उसने तराशी हैं खुशियां ,न ढूँढ़ पाना तो अपनी नाकामी।
ख़ुशी उसने बख्शी है चेहरे पे सबके ,गर दुख ढूँढ़ ले तो है कैसी हैरानी।
जीवन के पथ पर दिन कहाँ एक जैसे,
ऐसे बनी है सुखदुःख की कहानी।
संभल के है रहना बुरे दिनों में अब तो,
कहीं रूठ ना जाये अपनी जवानी।
उसेलोग कहते थे निकम्मा बड़ा है।
ऐसे ही बे फालतू का पड़ा है।
लोगों की बातों ने उसे ऐसा झिंझोरा,
कि उसने है अब काबिल बनने की ठानी।
जीवन के पथ पर दिन कहाँ एक जैसे,
ऐसे बनी है सुखदुःख की कहानी।
वो घर पे बैठे अनेक सपने था बुनता।
कही कहायी बातों को भी था वो सुनता।
कभी कह न पाया वो अपने मन की व्यथा को,
एक कहानी भी थी ऐसी ,जो थी सबको सुनानी।
जीवन के पथ पर दिन कहाँ एक जैसे,
ऐसे बनी है सुखदुःख की कहानी।
उसने है सोचा ये मुझको पता है।
खुशियां आखिर क्यों लापता है।
वैसे तो मुझमे है कितनी अच्छाइयाँ,
मुझको पता है ,क्यों हैं सबको गिनानी।
जीवन के पथ पर दिन कहाँ एक जैसे,
ऐसे बनी है सुखदुःख की कहानी।
-सिद्धार्थ पाण्डेय

2 Likes · 391 Views
You may also like:
पिता
Santoshi devi
प्रश्न पूछता है यह बच्चा
अटल मुरादाबादी, ओज व व्यंग कवि
तुलसी
AMRESH KUMAR VERMA
परवाना बन गया है।
Taj Mohammad
कुछ ना रहा
Nitu Sah
आरज़ू
shabina. Naaz
पिता है मेरे रगो के अंदर।
Taj Mohammad
*मंदिर पंडित दत्त राम (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
दोहे एकादश...
डॉ.सीमा अग्रवाल
बड़ा भाई बोल रहा हूं
Satpallm1978 Chauhan
सत्य कभी नही मिटता
Anamika Singh
बख्स मुझको रहमत वो अंदाज़ मिल जाए
VINOD KUMAR CHAUHAN
चिड़ियाँ
Anamika Singh
ज़माना कहता है हर बात ......
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
Forest Queen 'The Waterfall'
Buddha Prakash
पिता भगवान का अवतार होता है।
Taj Mohammad
बहाना
Vikas Sharma'Shivaaya'
भूख सी बेबसी नहीं देखी
Dr fauzia Naseem shad
इश्क़ में जूतियों का भी रहता है डर
आकाश महेशपुरी
मेरे गांव में होने लगा है शामिल थोड़ा शहर:भाग:2
AJAY AMITABH SUMAN
ख़ूब समझते हैं ghazal by Vinit Singh Shayar
Vinit kumar
इसीलिए मेरे दुश्मन बहुत है
gurudeenverma198
“ WHAT YOUR PARENTS THINK ABOUT YOU ? “
DrLakshman Jha Parimal
वह माँ नही हो सकती
Anamika Singh
मकड़जाल
Vikas Sharma'Shivaaya'
कौन है
Rakesh Pathak Kathara
“ कोरोना ”
DESH RAJ
✍️बंद मुठ्ठी लाख की✍️
'अशांत' शेखर
ऐ जिन्दगी
Anamika Singh
✍️जेरो-ओ-जबर हो गये✍️
'अशांत' शेखर
Loading...