Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Jun 22, 2022 · 1 min read

* साहित्य और सृजनकारिता *

डा . अरुण कुमार शास्त्री – एक अबोध बालक- अरुण अतृप्त

* साहित्य और सृजनकारिता *

आस्था के पथ का
मैं सजग प्रेहरी
छू कर प्रतिपल
विश्वास की मैं चला देहरी
मैं चला अनजान मन्जिल
को विजित करने
कर सृजन साहित्य के
उन्मान की नित् नई रिति
साथ् लेकर आपको
गर चलेंगें आप
पूरी धरा और व्योम
को माप लेंगें आप
साथ देंगे आप तो
एक एक शब्द का
अर्थ बडा गहरा बनेगा
कविताओं के कृत्य
का भाव जो ठहरा ‎
युं तो मानव मन
उद्विग्न सदा है रह्ता
अपने से जयादा देख
दुखी दूसरे को होता
आस्था के पथ का
मैं सजग प्रेहरी
छू कर प्रतिपल
विश्वास की मैं चला देहरी
है निवारण इन बातों का
मिल पाता सबको कहाँ
कोई कोई ही जा पाता
दुख सागर के पार यंहा

50 Views
You may also like:
कमर तोड़ता करधन
शेख़ जाफ़र खान
बेटी की मायका यात्रा
Ashwani Kumar Jaiswal
"दोस्त"
Lohit Tamta
एक मजदूर
Rashmi Sanjay
विश्व मजदूर दिवस पर दोहे
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
"अबला नहीं मैं"
Dr Meenu Poonia
भारत की जाति व्यवस्था
AMRESH KUMAR VERMA
अपनी भाषा
मनमोहन लाल गुप्ता अंजुम
डिजिटल इंडिया
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
ज़िंदगी तेरे मिज़ाज के
Dr fauzia Naseem shad
देखा जो हुस्ने यार तो दिल भी मचल गया।
सत्य कुमार प्रेमी
जिन्दगी को साज दे रहा है।
Taj Mohammad
*"पिता"*
Shashi kala vyas
वक़्त
Mahendra Rai
चाँद
विजय कुमार अग्रवाल
कबीर साहेब की शिक्षाएं
vikash Kumar Nidan
जीवन संगीत
Shyam Sundar Subramanian
यह सूखे होंठ समंदर की मेहरबानी है
Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI
लौटे स्वर्णिम दौर
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
पिता
Madhu Sethi
इश्क के आलावा भी।
Taj Mohammad
नई सुबह रोज
Prabhudayal Raniwal
धारणाएँ टूट कर बिखर जाती हैं।
Manisha Manjari
बड़ी आरज़ू होती है ......................
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
ऐ बादल अब तो बरस जाओ ना
नूरफातिमा खातून नूरी
कोई चाहने वाला होता।
Taj Mohammad
यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते
Prakash Chandra
दोहावली...(११)
डॉ.सीमा अग्रवाल
Little sister
Buddha Prakash
तू ही पहली।
Taj Mohammad
Loading...