Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 May 2023 · 1 min read

सावधानी हटी दुर्घटना घटी

कहीं रावण, कहीं मारीच,सुपनखा न मिल जाए।
कहीं बहरूपिया कोई, न तुमको ठग के ले जाए।।
रखो तुम प्रश्न रूपी वाण, स्वयं चैतन्य तरकश में।
लगे जब घाव तो मारीच, समर्पण स्वयं कर जाए।।
हैं जीवन की जो मर्यादा, न लांघो-लांघने दो तुम।
तो कैसे कोई दसकंधर, सिया का हरण कर जाए।।
बिना मतलब तो मत ढूंढो, मंथरा में ही तुम गलती।
हो कैकेई जो मर्यादित, तो कभी न राम वन जाए।।

Language: Hindi
1 Like · 75 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
दोहे एकादश...
दोहे एकादश...
डॉ.सीमा अग्रवाल
डोरी बाँधे  प्रीति की, मन में भर विश्वास ।
डोरी बाँधे प्रीति की, मन में भर विश्वास ।
Mahendra Narayan
पर्वतों का रूप धार लूंगा मैं
पर्वतों का रूप धार लूंगा मैं
कवि दीपक बवेजा
💐प्रेम कौतुक-313💐
💐प्रेम कौतुक-313💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
भुजरियों, कजलियों की राम राम जी 🎉🙏
भुजरियों, कजलियों की राम राम जी 🎉🙏
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
कल्पना ही हसीन है,
कल्पना ही हसीन है,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
जंगल में एक बंदर आया
जंगल में एक बंदर आया
VINOD KUMAR CHAUHAN
विडम्बना और समझना
विडम्बना और समझना
Seema gupta,Alwar
मौनता  विभेद में ही अक्सर पायी जाती है , अपनों में बोलने से
मौनता विभेद में ही अक्सर पायी जाती है , अपनों में बोलने से
DrLakshman Jha Parimal
कभी सरल तो कभी सख़्त होते हैं ।
कभी सरल तो कभी सख़्त होते हैं ।
Neelam Sharma
खोकर के अपनो का विश्वास ।......(भाग- 2)
खोकर के अपनो का विश्वास ।......(भाग- 2)
Buddha Prakash
नहीं छिपती
नहीं छिपती
shabina. Naaz
तुमसे मैं एक बात कहूँ
तुमसे मैं एक बात कहूँ
gurudeenverma198
स्वीटी: माय स्वीट हार्ट
स्वीटी: माय स्वीट हार्ट
Shekhar Chandra Mitra
कंक्रीट के गुलशन में
कंक्रीट के गुलशन में
Satish Srijan
" अखंड ज्योत "
Dr Meenu Poonia
पुण्य धरा भारत माता
पुण्य धरा भारत माता
surenderpal vaidya
Yavi, the endless
Yavi, the endless
रवि कुमार सैनी 'यावि'
2383.पूर्णिका
2383.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
खुशियों का बीमा
खुशियों का बीमा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
मुक्तक
मुक्तक
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
HE destinated me to do nothing but to wait.
HE destinated me to do nothing but to wait.
Manisha Manjari
कोरोना में शादियाँ (तीन कुंडलियाँ )
कोरोना में शादियाँ (तीन कुंडलियाँ )
Ravi Prakash
अपनी ही निगाहों में गुनहगार हो गई हूँ
अपनी ही निगाहों में गुनहगार हो गई हूँ
Trishika Srivastava Dhara
यहां कोई बेरोजगार नहीं हर कोई अपना पक्ष मजबूत करने में लगा ह
यहां कोई बेरोजगार नहीं हर कोई अपना पक्ष मजबूत करने में लगा ह
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
उसने लफ़्ज़ों को लफ़्ज़ ही समझा
उसने लफ़्ज़ों को लफ़्ज़ ही समझा
Dr fauzia Naseem shad
पानी यौवन मूल
पानी यौवन मूल
Jatashankar Prajapati
शिव की बनी रहे आप पर छाया
शिव की बनी रहे आप पर छाया
Shubham Pandey (S P)
बाबूजी।
बाबूजी।
Anil Mishra Prahari
Loading...