Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 Jul 2016 · 1 min read

साथ

जिनके साथ चले हम घर से
वे तो दूर बड़े रे निकले
सोचा चोट अब स्वस्थ हो गई
देखा घाव घनेरे निकले
जिनको समझ रौशन सूरज
वो घोर अँधेरे निकले
सोचा कुछ नई भाषा सीखें
वे तो मोर बटेरे निकले

Language: Hindi
11 Likes · 446 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr.Pratibha Prakash
View all
You may also like:
बांदरो
बांदरो
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
2326.पूर्णिका
2326.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
एक ख्वाब थे तुम,
एक ख्वाब थे तुम,
लक्ष्मी सिंह
जिन्हें ज़लील हो कर कुछ हासिल करने की चाहत होती है
जिन्हें ज़लील हो कर कुछ हासिल करने की चाहत होती है
*Author प्रणय प्रभात*
Desires are not made to be forgotten,
Desires are not made to be forgotten,
Sakshi Tripathi
मां जब मैं रोजगार पाऊंगा।
मां जब मैं रोजगार पाऊंगा।
Rj Anand Prajapati
“Do not be afraid of your difficulties. Do not wish you coul
“Do not be afraid of your difficulties. Do not wish you coul
पूर्वार्थ
जननी-अपना देश (कुंडलिया)
जननी-अपना देश (कुंडलिया)
Ravi Prakash
*बहू- बेटी- तलाक*
*बहू- बेटी- तलाक*
Radhakishan R. Mundhra
मेरा लड्डू गोपाल
मेरा लड्डू गोपाल
MEENU
जुबां
जुबां
Sanjay ' शून्य'
*मेरी इच्छा*
*मेरी इच्छा*
Dushyant Kumar
रेत घड़ी / मुसाफ़िर बैठा
रेत घड़ी / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
तन्हा हूं,मुझे तन्हा रहने दो
तन्हा हूं,मुझे तन्हा रहने दो
Ram Krishan Rastogi
"तरबूज"
Dr. Kishan tandon kranti
ज़िंदगी तेरे मिज़ाज से
ज़िंदगी तेरे मिज़ाज से
Dr fauzia Naseem shad
तो तुम कैसे रण जीतोगे, यदि स्वीकार करोगे हार?
तो तुम कैसे रण जीतोगे, यदि स्वीकार करोगे हार?
महेश चन्द्र त्रिपाठी
* श्री ज्ञानदायिनी स्तुति *
* श्री ज्ञानदायिनी स्तुति *
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
पाया तो तुझे, बूंद सा भी नहीं..
पाया तो तुझे, बूंद सा भी नहीं..
Vishal babu (vishu)
कहने को हर हाथ में,
कहने को हर हाथ में,
sushil sarna
जो ज़िम्मेदारियों से बंधे होते हैं
जो ज़िम्मेदारियों से बंधे होते हैं
Paras Nath Jha
जीवन
जीवन
Bodhisatva kastooriya
कहा तुमने कभी देखो प्रेम  तुमसे ही है जाना
कहा तुमने कभी देखो प्रेम तुमसे ही है जाना
Ranjana Verma
রাধা মানে ভালোবাসা
রাধা মানে ভালোবাসা
Arghyadeep Chakraborty
जीवन दर्शन मेरी नजर से ...
जीवन दर्शन मेरी नजर से ...
Satya Prakash Sharma
वह ठहर जाएगा ❤️
वह ठहर जाएगा ❤️
Rohit yadav
गाँव की याद
गाँव की याद
Rajdeep Singh Inda
निहारने आसमां को चले थे, पर पत्थरों से हम जा टकराये।
निहारने आसमां को चले थे, पर पत्थरों से हम जा टकराये।
Manisha Manjari
दायरों में बँधा जीवन शायद खुल कर साँस भी नहीं ले पाता
दायरों में बँधा जीवन शायद खुल कर साँस भी नहीं ले पाता
Seema Verma
Loading...