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4 Jul 2022 · 1 min read

सागर ही क्यों

सागर में आख़िर ऐसा क्या जंतर मंतर होता है
सागर ही क्यों इन बहते दरियाओं का घर होता है

हद से बाहर जाने वाले दरिया जैसे बहते हैं
अपनी हद में रहने वाला सिर्फ़ समन्दर होता है

कहने को तो इश्क़ मुहब्बत दोनों का है मतलब एक
फिर भी इन दोनों लफ़्ज़ों में थोड़ा अंतर होता है

सबके अपने खेल खिलौने होते हैं इस दुनिया में
सबके खेल खिलौनों में इक मस्त कलंदर होता है

बरसों बाद निकलती है इनसे कोई शय चमकीली
वर्ना हीरों की खानों में कंकर पत्थर होता है

… शिवकुमार बिलगरामी

Language: Hindi
9 Likes · 5 Comments · 584 Views
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