#10 Trending Author

# सांग – बाबा छोटूनाथ # अनुक्रमांक-13 # चार धाम गंगा-जमना से, 68 तीर्थ के ! न्यारे, करके नै अस्नान देखिये, नाम गिणादूं मैं सारे || टेक ||

# सांग – बाबा छोटूनाथ # अनुक्रमांक-13 # जवाब – कवि का (तीर्थ यात्रा)

चार धाम गंगा-जमना से, 68 तीर्थ के ! न्यारे,
करके नै अस्नान देखिये, नाम गिणादूं मैं सारे || टेक ||

गौमुखी, गंगोत्री, गौमती, ऋषिकेश गढ़, हरिद्वार,
गयाजी, पिरागराज, त्रिवेणी, गंगासागर पहली बार,
भुवनेश्वर, जगन्नाथपुरी, रामेश्वर, बद्रीनाथ, केदार,
त्रिवेन्द्र, तप्ती, सिया-नंदा, नदी नर्मदा तीर्थ चार,
कोटी, बिश्नेश्वर, विश्वकर्मा, मधु, ब्रह्मपुत्र खारे ||

त्रिकेश नारद, नागेश, सोम, भीमेश, मलिकार्जुन, महाकाल,
स्वर्णशिला, अंगिरस, अग्नि, तिरुपति, बालाजी, कम्पाल,
कृष्णा, कुबेरी, स्कन्द, शारदा, सिन्धुमान, सरोवर ताल,
कपिल-वास्ति, मुख-भंडारी, थानेश्वर, बिन्धू, रिक्वाल,
कांशी, विश्वेनाथ, भूतेश्वर, शम्भू दुःख भंजन हारे ||

बाल्मिक, जमदग्नि, सप्तऋषि, 12 ज्योतिर्लिंग शिव के धाम,
स्वर्ग आश्रम सूर्यकुंड म्य, सूर्य जल पीवै थे रथ नै थाम,
पुनम्ही, पोषणी, गौतमी, रहे गोदावरी पै सियाराम,
अवध, द्वारका, गौकुल, मथुरा, जमना के तट पै घनश्याम,
बजाके मुरली गोपनियाँ म्य, रास करै थे कृष्ण प्यारे ||

सुमेरु के शिखर आकाश गंगे, तीर्थ केशनी कोल्हासर मैं,
सरयू, सुरस्ती, मार्कन्डे, मालनी म्य, न्हाया फल्गु-पुष्कर मैं,
कमंद, मेघना, ब्रह्मसरोवर, तीर्थ सै कुरुक्षेत्र मैं,
मात-पिता गुरु-संत अतिथि, चार धाम पूजै घर मैं,
राजेराम रामरा तीर्थ, पांडू न्हाये पिंडारे ||

190 Views
You may also like:
कामयाबी
डी. के. निवातिया
यह जिन्दगी है।
Taj Mohammad
राष्ट्रवाद का रंग
मनोज कर्ण
जीवन एक कारखाना है /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
आरज़ू है बस ख़ुदा
Dr. Pratibha Mahi
💐💐प्रेम की राह पर-17💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
आशाओं के दीप.....
Chandra Prakash Patel
जमीं से आसमान तक।
Taj Mohammad
"भोर"
Ajit Kumar "Karn"
सदा बढता है,वह 'नायक', अमल बन ताज ठुकराता|
Pt. Brajesh Kumar Nayak
बॉर्डर पर किसान
Shriyansh Gupta
लड़ते रहो
Vivek Pandey
क्या कोई मुझे भी बताएगा
Krishan Singh
मेरी धड़कन जूलियट और तेरा दिल रोमियो हो जाएगा
Krishan Singh
*•* रचा है जो परमेश्वर तुझको *•*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
ईश्वर के संकेत
Dr. Alpa H.
मैं धरती पर नीर हूं निर्मल, जीवन मैं ही चलाता...
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग३]
Anamika Singh
उस रब का शुक्र🙏
Anjana Jain
" एक हद के बाद"
rubichetanshukla रुबी चेतन शुक्ला
वेलेंटाइन स्पेशल (5)
N.ksahu0007@writer
मां से बिछड़ने की व्यथा
Dr. Alpa H.
मकड़ी है कमाल
Buddha Prakash
🌷मनोरथ🌷
पंकज कुमार "कर्ण"
वेवफा प्यार
Anamika Singh
पंडित मदन मोहन व्यास की कुंडलियों में हास्य का पुट
Ravi Prakash
सच में ईश्वर लगते पिता हमारें।।
Taj Mohammad
☆☆ प्यार का अनमोल मोती ☆☆
Dr. Alpa H.
आइसक्रीम लुभाए
Buddha Prakash
माँ — फ़ातिमा एक अनाथ बच्ची
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
Loading...