#9 Trending Author

# सांग – देवी गंगामाई # अनुक्रमांक-12 # कन्या बोली ऋषि मेरे तै, करवाले नै ब्याह, पेट मै करूंगी डेरा, बणकै तेरी मां ।। टेक ।।

# सांग – देवी गंगामाई # अनुक्रमांक-12 #

जवाब – कन्या का।

कन्या बोली ऋषि मेरे तै, करवाले नै ब्याह,
पेट मै करूंगी डेरा, बणकै तेरी मां ।। टेक ।।

मेरा-तेरा एक पिता, और माता एक सै,
चौदह विधा वेद-विधि, ज्ञाता एक सै,
तू राजऋषि मै ब्रह्मभादवी, नाता एक सै,
तीन लोक मै मेरी जोड़ी का, वर चाहता एक सै,
अलख निरंजन दाता एक सै, करणीया सबका न्या ।।

मेरा जन्म होया जिब, खुशी मनाई तीन जहान नै,
काल बली भी आता था, मनै रोज खिलहाण नै,
अग्नि ल्यावै भोजन, इन्द्र बरसै न्हाण नै,
लाड करे थे ब्रहमा जी और, विष्णु भगवान नै,
खुशी मनाई शशि-भान नै, करी धूप और छां ।।

करके लाड पृथ्वी माता, मनै पाल्या करती,
आदरमान मेरा जगदम्बे, ज्वाला करती,
पार्वती-ब्रह्माणी-लक्ष्मी, मनै संभाल्या करती,
भेमाता-भोई धोरै तै, ना हाल्या करती,
चाल्या करती, शिवजी कै भी सिर पै धरके पाँ ।।

जोतकलां गंगा, जमना, त्रिवेणी धाम की,
चार वेद नै महिमा गाई, मेरे नाम की,
होई रवाना, चाहना कोन्या, घर और गाम की,
कोए चातर करै विचार, कविता इसी राजेराम की,
उसनै पद्वी कवि नाम की, जो भेद खोलै गा ।।

163 Views
You may also like:
आइसक्रीम लुभाए
Buddha Prakash
मां
Dr. Rajeev Jain
मारुति वंदन
Vishnu Prasad 'panchotiya'
वेदना
Archana Shukla "Abhidha"
अफसोस-कर्मण्य
Shyam Pandey
जिन्दगी रो पड़ी है।
Taj Mohammad
वेदना के अमर कवि श्री बहोरन सिंह वर्मा प्रवासी*
Ravi Prakash
श्रद्धा और सबुरी ....,
Vikas Sharma'Shivaaya'
रूखा रे ! यह झाड़ / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
खस्सीक दाम दस लाख
Ranjit Jha
पापा वो बचपन के
Khushboo Khatoon
कोई तो दिन होगा।
Taj Mohammad
रिश्तों की डोर
मनोज कर्ण
विभाजन की व्यथा
Anamika Singh
उफ ! ये गर्मी, हाय ! गर्मी / (गर्मी का...
ईश्वर दयाल गोस्वामी
फिर एक समस्या
डॉ एल के मिश्र
हिंसा की आग 🔥
मनोज कर्ण
दिले यार ना मिलते हैं।
Taj Mohammad
poem
पंकज ललितपुर
सच में ईश्वर लगते पिता हमारें।।
Taj Mohammad
हिन्दी साहित्य का फेसबुकिया काल
मनोज कर्ण
पिता जी
Rakesh Pathak Kathara
तेरी आरज़ू, तेरी वफ़ा
VINOD KUMAR CHAUHAN
त्याग की परिणति - कहानी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
बुआ आई
राजेश 'ललित'
खुशबू चमन की किसको अच्छी नहीं लगती।
Taj Mohammad
कोई मंझधार में पड़ा हैं
VINOD KUMAR CHAUHAN
अलबेले लम्हें, दोस्तों के संग में......
Aditya Prakash
हमारे जीवन में "पिता" का साया
इंजी. लोकेश शर्मा (लेखक)
महँगाई
आकाश महेशपुरी
Loading...