#10 Trending Author

# सांग /किस्सा – महात्मा बुद्ध # अनुक्रमांक-15 # नाम देवदत निश्चर बुद्धि, मुर्ख-मूढ़ ग्वार तेरी, बिना भजन माणस की जूनी, पशुआं तै बेकार तेरी ।। टेक ।।

# सांग /किस्सा – महात्मा बुद्ध # अनुक्रमांक-15 # जवाब – सिद्धार्थ का।

नाम देवदत निश्चर बुद्धि, मुर्ख-मूढ़ ग्वार तेरी,
बिना भजन माणस की जूनी, पशुआं तै बेकार तेरी ।। टेक ।।

अपणी बड़ाई और की निंदा, भला किसे का चाह्या ना,
सूम बण्या धन होते भी, पुन्न मै पैसा लाया ना,
मात-पिता गुरू-अतिथी, कोए साधूं-संत जिमाया ना,
संध्या-तर्पण हवन-गायत्री, कदे गंगा जी मै नहाया ना,
हर मै ध्यान लगाया ना, हो कुकर नैया पार तेरी ।।

धीरज-धर्म दया मन मै, दीन ईमान तेरै कोन्या,
जन्म राजघर कंगलापण सै, भाग मै जान तेरै कोन्या,
स्वर्ग, सुमरण, सेवन, पूजन, भजन मै ध्यान तेरै कोन्या,
अहिंसा-आचरण सत्यवाणी, आत्मज्ञान तेरै कोन्या,
मन मै भगवान तेरै कोन्या, या नीति सै अहंकार तेरी ।।

झुठ-कपट छल-बेईमाना, लोभ-नीच अहंकारी,
नेकी करै बदी नै त्यागै, कोन्या बात विचारी,
राम भज्या ना रह्या धर्म पै, उम्र बीतगी सारी,
बेदर्दी दया धर्म नहीं, सदा जीव का बण्या शिकारी,
खेल ताश का दुनियादारी, कदे जीत कदे हार तेरी ।।

मुढ़ अनाड़ी नहीं प्रेम तै, आया बोलणा-बतलाणा,
पढ़ लिखके नै डूबण लाग्या, होया समझण जोगा स्याणा,
पाप-पून्य का दरगाह मै, इन्साफ एक दिन हो ज्याणा,
राजेराम फिरै गफलत मै, देख बावला जमाना,
रोज रागणी कथके गाणा, जिन्दगी सै प्रचार तेरी ।।

1 Like · 1 Comment · 176 Views
You may also like:
Waqt
ananya rai parashar
प्रात का निर्मल पहर है
मनोज कर्ण
यादों से दिल बहलाना हुआ
N.ksahu0007@writer
"एक नई सुबह आयेगी"
Ajit Kumar "Karn"
शहीद बनकर जब वह घर लौटा
Anamika Singh
【29】!!*!! करवाचौथ !!*!!
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
क्या प्रात है !
Saraswati Bajpai
कोमल एहसास प्यार का....
Dr. Alpa H.
इंतजार का....
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
रामपुर में काका हाथरसी नाइट
Ravi Prakash
*रामपुर रजा लाइब्रेरी में रक्षा-ऋषि लेफ्टिनेंट जनरल श्री वी. के....
Ravi Prakash
चमचागिरी
सूर्यकांत द्विवेदी
नदी सदृश जीवन
Manisha Manjari
# मां ...
Chinta netam मन
लिख लेते हैं थोड़ा थोड़ा
सूर्यकांत द्विवेदी
मज़हबी उन्मादी आग
Dr. Kishan Karigar
सुंदर सृष्टि है पिता।
Taj Mohammad
एसजेवीएन - बढ़ते कदम
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
*मेरे देश का सैनिक*
Prabhudayal Raniwal
ये नारी है नारी।
Taj Mohammad
🌻🌻🌸"इतना क्यों बहका रहे हो,अपने अन्दाज पर"🌻🌻🌸
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
जोशवान मनुष्य
AMRESH KUMAR VERMA
लौट आई जिंदगी बेटी बनकर!
ज्ञानीचोर ज्ञानीचोर
फीका त्यौहार
पाण्डेय चिदानन्द
चिन्ता और चिता में अन्तर
Ram Krishan Rastogi
*तजकिरातुल वाकियात* (पुस्तक समीक्षा )
Ravi Prakash
त्रिशरण गीत
Buddha Prakash
💐प्रेम की राह पर-22💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
शिखर छुऊंगा एक दिन
AMRESH KUMAR VERMA
शायरी ने बर्बाद कर दिया |
Dheerendra Panchal
Loading...