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21 Jul 2022 · 1 min read

साँझ

सूरज डूबा जिसकी ख़ातिर
वो एक पहेली है l
इंतज़ार कर रही रात का
साँझ अकेली है l
भागदौड़ के किसी तरह
दिन तो गुज़र गया ,
थकी निग़ाहों में बोझिल
नींद अलबेली है l

Language: Hindi
1 Like · 172 Views
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