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26 Jul 2021 · 1 min read

सलाम

कभी न यह रुके है
कभी न यह रुकेंगे
कभी न यह थके है
कभी न यह थकेंगे
भारत मां के सपूत है यह
तिरंगा फहराए बिना नहीं मानेंगे।
ठंडी- गर्मी को सहा है इन्होंने
देश को हिफाज़त रखा है इन्होंने
इनकी बदोलत ही हम
चैन से सो पाते हैं
इनकी वज़ह से ही हम
जो चाहे वो कर पाते हैं।
वर्दी जिनकी शान है,
देश को उन पर नाज है।
वहीं भारत देश के जवान है
और मेरा उन्हें सलाम है।

Language: Hindi
Tag: कविता
1 Like · 592 Views
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