Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Jul 2016 · 1 min read

सम-सामयिक दोहे

सहिष्णु नर होता सफल, पकड़ सबूरी डोर|
असहिष्णु नर ढोर सम, चरता चारों ओर|

नगर, ग्राम, घाट, तट, सरिता की सौगात|
नारी समपुरण तभी, सीरत भी हो साथ|

बोया पेड़ बाबुल का, अपने आंगन बीच|
कांटे खुद पैदा किये, तुष्टिकरण को सींच|

महिलाएं बनकर सबल, साथ रखें हथियार|
आत्मरक्षा हेतु है, यही सिद्ध उपचार|

गाँधी टोपी पहनकर, दिया कबीरा रोय|
नेताओं की भीड़ में, गाँधी दिखा न कोय|

पड़ी सरों में भाँग है, पी-पी कर सब मस्त|
राम बचाए देश को, हुआ देश और त्रस्त|

Language: Hindi
Tag: दोहा
3 Comments · 303 Views
You may also like:
ब्रेकिंग न्यूज़
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
इन्द्रधनुष
Saraswati Bajpai
पेपर वाला
मनोज कर्ण
पितृ स्तुति
दुष्यन्त 'बाबा'
हमें जाँ से प्यारा हमारा वतन है..
अश्क चिरैयाकोटी
🚩सहज बने गह ज्ञान,वही तो सच्चा हीरा है ।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
ख्वाब ही जीवन है
Mahendra Rai
नया चिकित्सक
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
दीवाली की रात सुहानी
Dr Archana Gupta
श्राप महामानव दिए
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
पिता का सपना
Prabhudayal Raniwal
बुद्धिमान बनाम बुद्धिजीवी
Shivkumar Bilagrami
कोशिश करो
Dr fauzia Naseem shad
दौर-ए-सफर
DESH RAJ
गीतः जिन्दगी बहती रही
Ravi Prakash
* जातक या संसार मा *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
प्यारी मेरी बहना
Buddha Prakash
बर्षा रानी जल्दी आओ
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
हो गई स्याह वह सुबह
gurudeenverma198
बच्चे थिरक रहे हैं आँगन।
लक्ष्मी सिंह
हमारी सभ्यता
Anamika Singh
तुझे अपने दिल में बसाना चाहती हूं
Ram Krishan Rastogi
ऐसे थे मेरे पिता
Minal Aggarwal
मानव तन
Rakesh Pathak Kathara
एक हरे भरे गुलशन का सपना
ओनिका सेतिया 'अनु '
✍️सोच विचार✍️
'अशांत' शेखर
तुलसी गीत
Shiva Awasthi
सृजन कर्ता है पिता।
Taj Mohammad
नारी सृष्टि निर्माता के रूप में
पंकज कुमार शर्मा 'प्रखर'
भीड़
Shyam Sundar Subramanian
Loading...