Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Oct 2022 · 1 min read

समर

जीवन बेकार ही सही,
धरा पर उधार ही सही,
वरक के गिरने से वृक्ष नही गिरा करते,
चक्रवातों से भूधर नही हिला करते !!

पिनाक न सही भुजा में बाण तो है,
रक्त न सही देह में प्राण तो है…
हार के भय से शूर नही झुक सकता है,
संघर्ष का समर नही कभी रुक सकता है !

मार्तंड

Language: Hindi
1 Like · 85 Views
You may also like:
अध्यापक दिवस
Satpallm1978 Chauhan
महापंडित ठाकुर टीकाराम 18वीं सदीमे वैद्यनाथ मंदिर के प्रधान पुरोहित
श्रीहर्ष आचार्य
डगर कठिन हो बेशक मैं तो कदम कदम मुस्काता हूं
VINOD KUMAR CHAUHAN
टूटता तारा
Ashish Kumar
प्यार का अलख
DESH RAJ
कब तलक आखिर
Kaur Surinder
उलझनें_जिन्दगी की
मनोज कर्ण
आईना
Buddha Prakash
'कैसी घबराहट'
Godambari Negi
ऐसे हंसते रहो(14 नवम्बर बाल दिवस पर)
gurudeenverma198
ईश्वर की परछाई
AMRESH KUMAR VERMA
तुम पतझड़ सावन पिया,
लक्ष्मी सिंह
जुद़ा किनारे हो गये
शेख़ जाफ़र खान
सुख दुख
Rakesh Pathak Kathara
सफलता की आधारशिला सच्चा पुरुषार्थ
पंकज कुमार शर्मा 'प्रखर'
ज़िंदगी को चुना
अंजनीत निज्जर
इंतजार की हद
shabina. Naaz
भोजपुरी भाषा
Er.Navaneet R Shandily
हम और तुम जैसे…..
Rekha Drolia
ग्रहण
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
कोई ऐसे धार दे
Dr fauzia Naseem shad
शराफत में इसको मुहब्बत लिखेंगे।
सत्य कुमार प्रेमी
उसने ऐसा क्यों किया
Anamika Singh
✍️ओर भी कुछ है जिंदगी✍️
'अशांत' शेखर
स्वच्छ भारत (लघुकथा)
Ravi Prakash
हसद
Alok Saxena
दिहाड़ी मजदूर
Shekhar Chandra Mitra
मोरे मन-मंदिर....।
Kanchan Khanna
मैं पिता हूं।
Taj Mohammad
👌🥀🌺आप में कोई जादू तो है🌺🥀👌
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Loading...