Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-44💐

सब इत्तिफ़ाक़ है सब इत्तिफ़ाक़,
चराग़ों को हवाएँ ही नहीं बुझातीं।

-अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
77 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*जहाँ बस भाईचारा हो 【मुक्तक 】*
*जहाँ बस भाईचारा हो 【मुक्तक 】*
Ravi Prakash
रेस का घोड़ा
रेस का घोड़ा
Naseeb Jinagal Koslia नसीब जीनागल कोसलिया
*मुक्तक*
*मुक्तक*
LOVE KUMAR 'PRANAY'
हर खुशी को नजर लग गई है।
हर खुशी को नजर लग गई है।
Taj Mohammad
भूल गयी वह चिट्ठी
भूल गयी वह चिट्ठी
Buddha Prakash
हालात और मुकद्दर का
हालात और मुकद्दर का
Dr fauzia Naseem shad
तुम्हारे अवारा कुत्ते
तुम्हारे अवारा कुत्ते
Maroof aalam
मेरा लेख
मेरा लेख
Ankita Patel
चुपके से चले गये तुम
चुपके से चले गये तुम
Surinder blackpen
खिलौने वो टूट गए, खेल सभी छूट गए,
खिलौने वो टूट गए, खेल सभी छूट गए,
Abhishek Shrivastava "Shivaji"
Every best can be made better as every worst can be made worse.
Every best can be made better as every worst can be made worse.
Dr. Rajiv
कुछ मत कहो
कुछ मत कहो
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
भगवा है पहचान हमारी
भगवा है पहचान हमारी
Dr. Pratibha Mahi
मेरा जो प्रश्न है उसका जवाब है कि नहीं।
मेरा जो प्रश्न है उसका जवाब है कि नहीं।
सत्य कुमार प्रेमी
जब भी आया,बे- मौसम आया
जब भी आया,बे- मौसम आया
मनोज कुमार
मुसलसल ईमान-
मुसलसल ईमान-
Bodhisatva kastooriya
गजल
गजल
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
मुक्तक
मुक्तक
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
Ye ayina tumhari khubsoorti nhi niharta,
Ye ayina tumhari khubsoorti nhi niharta,
Sakshi Tripathi
बुद्ध के विचारों की प्रासंगिकता
बुद्ध के विचारों की प्रासंगिकता
मनोज कर्ण
■ आज का शेर
■ आज का शेर
*Author प्रणय प्रभात*
💐प्रेम कौतुक-261💐
💐प्रेम कौतुक-261💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
सरकार से क्या मतलब?
सरकार से क्या मतलब?
Shekhar Chandra Mitra
हिन्दी दोहा- बिषय- कौड़ी
हिन्दी दोहा- बिषय- कौड़ी
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
एक बालक की अभिलाषा
एक बालक की अभिलाषा
Shyam Sundar Subramanian
दिल का दर्द आँख तक आते-आते नीर हो गया ।
दिल का दर्द आँख तक आते-आते नीर हो गया ।
Arvind trivedi
पुलवामा हमले पर शहीदों को नमन चार पंक्तियां
पुलवामा हमले पर शहीदों को नमन चार पंक्तियां
कवि दीपक बवेजा
साँसों का संग्राम है, उसमें लाखों रंग।
साँसों का संग्राम है, उसमें लाखों रंग।
सूर्यकांत द्विवेदी
दिमाग नहीं बस तकल्लुफ चाहिए
दिमाग नहीं बस तकल्लुफ चाहिए
Pankaj Sen
सोशलमीडिया
सोशलमीडिया
लक्ष्मी सिंह
Loading...