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19 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-476💐

सफ़-ए-मातम नहीं है,मेरी ये चार सफ़े,
उन्हें नाज़ुक ठहराती हैं,मेरी ये चार सफ़े,
अभी तक इक निशानी का ही इंतिज़ार है,
कभी मेरे लिए लिख दें वो,ऐसी चार सफ़े।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
Tag: Hindi Quotes, Quote Writer
7 Views
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