Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Nov 2022 · 1 min read

सपनों की दुनिया

तुम्हारे झूठ में भी
सच्चाई ढूंढ लेता हूं
आजकल सपनों में ही
अपने ढूंढ लेता हूं

क्या हुआ जो तू
नहीं मिलता अब मुझे
तेरे इंतज़ार में ही
सुकून ढूँढ लेता हूँ

वैसे तो है लोग बहुत
आस पास मेरे भी आजकल
लेकिन जैसे भी हो हालात
अब मैं किसी को बताता नहीं हूँ

मेरे ज़ख्मों में कोई
नमक न छिड़क पाए अब
इसलिए इनको मैं
किसी को दिखाता नहीं हूँ

दिल करता है मेरा भी
भरोसा करूँ मैं भी किसी पर
इसलिए उसके झूठ को
मैं सच मान लेता हूँ कभी कभी

चाहता हूँ कोई तोड़े न
मेरे इस नाज़ुक दिल को बार बार
इसलिए मैं उसे छोड़कर
सपनों में चला जाता हूँ कभी कभी

आकर देखो तुम भी
कभी इस मेरे सपनों की दुनिया में
है नहीं अपना कोई मगर
अपना होने का ढोंग भी
कोई करता नहीं सपनों की दुनिया में।

Language: Hindi
11 Likes · 4 Comments · 984 Views
You may also like:
✍️दिल में ही रहता हूं✍️
'अशांत' शेखर
यह मकर संक्रांति
gurudeenverma198
*गजब इतिहास रचाया (हास्य कुंडलिया)*
Ravi Prakash
गुज़रते कैसे हैं ये माह ओ साल मत पूछो
Anis Shah
चांद
Annu Gurjar
बहुत कम होता हैवो लम्हा
shabina. Naaz
हाइकु कविता
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
असली नशा
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
कब बरसोगें
Swami Ganganiya
!! समय का महत्व !!
RAJA KUMAR 'CHOURASIA'
ये पूजा ये गायन क्या है?
AJAY AMITABH SUMAN
पेड़ों से बतियाता हूँ
Satish Srijan
गुलफाम बन गए हैं।
Taj Mohammad
बुढ़ापा
Alok Vaid Azad
क्यो अश्क बहा रहे हो
Anamika Singh
#क्या_पता_मैं_शून्य_हो_जाऊं
D.k Math { ਧਨੇਸ਼ }
■ मुक्तक / सीढियां उम्र की
*प्रणय प्रभात*
हमारा हरियाणा प्रदेश
Ram Krishan Rastogi
आरक्षण का दरिया
मनोज कर्ण
#करवा चौथ#
rubichetanshukla रुबी चेतन शुक्ला
राष्ट्रकवि दिनकर दोहा एकादशी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
बुद्ध को हड़पने की साज़िश
Shekhar Chandra Mitra
आदमी तनहा दिखाई दे
Dr. Sunita Singh
फरेबी दुनिया की मतलब प्रस्दगी
Umender kumar
उपदेश से तृप्त किया ।
Buddha Prakash
रह रहे मन में हमारे
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
मैं किसान हूँ
Dr.S.P. Gautam
बाल श्रम विरोधी
Utsav Kumar Aarya
मेरे भईया हमेशा सलामत रहें
Dr fauzia Naseem shad
इतनी सी बात पे
Kaur Surinder
Loading...