Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
Sep 7, 2017 · 1 min read

== सपने में ==

सीमा पर प्रहरी बनकर,
तुम्हें है अपना देश बचाना।
तुम ने ही है मुझे सिखाया,
दूर रह कर भी साथ निभाना।
मैंने सीख लिया है प्रियवर,
तुम बिन इस दिल को समझाना।
सचमुच न आ पाओ प्रिय तो,
सपने में तो आ जाना।

विरह के उठते धुंए में शनैः शनैः,
तुम्हारे चेहरे का धुंधलाना।
स्मरण कर-करके तुम्हारा,
साँसों का मेरी रुक-रुक जाना।
दिवास्वप्नों के सतरंगी झूलों में,
अब और न मुझे झुलाना।
सचमुच न आ पाओ प्रिय तो ,
सपने में तो आ जाना।

अनुभूति तुम्हारी रोम-रोम में,
अहसास एक अजब अंजाना।
मेरा तुम बिन और तेरा मुझ बिन,
कभी अस्तित्व न मैंने जाना।
यह पता है न आओगे फिर भी,
करे इंतजार दिल दीवाना।
सचमुच न आ पाओ प्रिय तो,
सपने में तो आ जाना।

—रंजना माथुर दिनांक 12/08/2017
(मेरी स्व रचित व मौलिक रचना )
©

1 Like · 209 Views
You may also like:
" मैं हूँ ममता "
मनोज कर्ण
गुलामी के पदचिन्ह
मनोज कर्ण
खुद से बच कर
Dr fauzia Naseem shad
*जय हिंदी* ⭐⭐⭐
पंकज कुमार कर्ण
संत की महिमा
Buddha Prakash
" एक हद के बाद"
rubichetanshukla रुबी चेतन शुक्ला
पितृ महिमा
मनोज कर्ण
✍️कश्मकश भरी ज़िंदगी ✍️
Vaishnavi Gupta
✍️कैसे मान लुँ ✍️
Vaishnavi Gupta
# पिता ...
Chinta netam " मन "
दूल्हे अब बिकते हैं (एक व्यंग्य)
Ram Krishan Rastogi
बुद्ध धाम
Buddha Prakash
इस तरह
Dr fauzia Naseem shad
दहेज़
आकाश महेशपुरी
आज मस्ती से जीने दो
Anamika Singh
मुझको कबतक रोकोगे
Abhishek Pandey Abhi
✍️जरूरी है✍️
Vaishnavi Gupta
दया करो भगवान
Buddha Prakash
अब भी श्रम करती है वृद्धा / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
आया रक्षाबंधन का त्योहार
Anamika Singh
मेरी अभिलाषा
Anamika Singh
बुद्ध भगवान की शिक्षाएं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
फेसबुक की दुनिया
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
हो मन में लगन
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
मुझे आज भी तुमसे प्यार है
Ram Krishan Rastogi
माँ, हर बचपन का भगवान
Pt. Brajesh Kumar Nayak
बस एक निवाला अपने हिस्से का खिला कर तो देखो।
Gouri tiwari
रुक-रुक बरस रहे मतवारे / (सावन गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पिता
Buddha Prakash
ज़िंदगी से सवाल
Dr fauzia Naseem shad
Loading...