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Jun 13, 2021 · 1 min read

सत्संग

चौरासी लाख योनिया
गुजर जाने के बाद
मुझे मनुष्य योनि से
प्रभु द्वारा नवाजा गया ।

भौतिक सुखों की चाहत मे
हर गुनाह करने से पहले
मुझे बार बार मेरे
प्रभु द्वारा चेताया गया ।

मृत्युलोक के आवागमन से
मुक्त होने का मुझे
सत्संग जैसा उत्तम मार्ग
प्रभु द्वारा बताया गया ।

चला नही जब मै
सुझाये गये रास्तों पर
किये गुनाहों की निर्धारित सजा से मुझे
प्रभु द्वारा प्रताड़ित गया ।।

राज विग 13.06.2021

3 Likes · 6 Comments · 345 Views
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