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1 Nov 2022 · 1 min read

सच्ची कला

सोए हुए
लोगों की भीड़ में
धर्म गुरुओं,
राजनेताओं
और पूंजिपतियों के
प्राण बसते हैं,
कलाकारों के नहीं।
कला तो
एकांत में
पनपती और
कुछ जागृत चेतना वाले
व्यक्तियों के बीच में
फैलती है!
#politics #art #music
#literature #गीतकार
#राजनीति #संगीत #साहित्य #सृजन
#आध्यात्म #कवि #शायर

Language: Hindi
109 Views
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