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25 Aug 2022 · 1 min read

श्याम घनाक्षरी-2

*श्याम घनाक्षरी*
झूम झूम नाचे नाचे, मेघ सम बरखा सी
काली-काली कजराली, अलकाएं बावरी
राधा सी ठिठोली करे, हंसे मुस्कराए सम
ग्राम-ग्राम नाचे फिरे, छेड़े तान बांसुरी
धक-धक दिल करे, धक-धक दिल कहे
बदनाम बादल है, मूरत ये साँवरी
चूर चूर करे चूर, लट लट घनश्याम
कहता उद्धव रहा, पानी संग आग री।।

*सूर्यकांत*

Language: Hindi
Tag: कविता
1 Like · 60 Views
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