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!! शेर !!

!! शेर !!

** एक **

है दुनिया खूबसूरत देख लो दिल के झरोखे से,
रहो बच कर कहीं कोई तुम्हें ठग ले ना धोखे से।

** दो **

अंधियारा कितना भी हो इक लौ उम्मीद जगाती है,
नाव फँसी मझधार अगर तो हिम्मत पार लगाती है।

दीपक “दीप” श्रीवास्तव
महाराष्ट्र

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