Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Mar 2023 · 1 min read

“शून्य-दशमलव”

“शून्य-दशमलव”
शून्य को ऐसे-वैसे ना समझना
संख्या बाद लगे तो हीरो,
शुरू में चाहे जितना लगा लो
रह जाते जीरो के जीरो।
दशमलव शातिर बदमाश लगता
बाँटता पक्ष-विपक्ष,
इस दुनिया में गिनकर तो देखो
कितने हैं निष्पक्ष।

3 Likes · 2 Comments · 68 Views
Join our official announcements group on Whatsapp & get all the major updates from Sahityapedia directly on Whatsapp.

Books from Dr. Kishan tandon kranti

You may also like:
विचार मंच भाग -8
विचार मंच भाग -8
Rohit Kaushik
कहूं कैसे भोर है।
कहूं कैसे भोर है।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
परछाइयों के शहर में
परछाइयों के शहर में
Surinder blackpen
The Moon!
The Moon!
Buddha Prakash
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
उपहार
उपहार
Satish Srijan
ज़ख्म शायरी
ज़ख्म शायरी
मनोज कर्ण
■ आह्वान करें...
■ आह्वान करें...
*Author प्रणय प्रभात*
मुक्तक
मुक्तक
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
कबीर के राम
कबीर के राम
Shekhar Chandra Mitra
यह जो तुम बांधती हो पैरों में अपने काला धागा ,
यह जो तुम बांधती हो पैरों में अपने काला धागा ,
श्याम सिंह बिष्ट
तुम हो मेरे लिए जिंदगी की तरह
तुम हो मेरे लिए जिंदगी की तरह
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
जो जी में आए कहें, बोलें बोल कुबोल।
जो जी में आए कहें, बोलें बोल कुबोल।
डॉ.सीमा अग्रवाल
मैथिल ब्राह्मण महासभामे मैथिली वहिष्कार, संस्कृत भाषाके सम्मान !
मैथिल ब्राह्मण महासभामे मैथिली वहिष्कार, संस्कृत भाषाके सम्मान !
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
💐प्रेम कौतुक-328💐
💐प्रेम कौतुक-328💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
भूत प्रेत का भय भ्रम
भूत प्रेत का भय भ्रम
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
पीड़ा की मूकता को
पीड़ा की मूकता को
Dr fauzia Naseem shad
नमन माँ गंग !पावन
नमन माँ गंग !पावन
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
इन बादलों की राहों में अब न आना कोई
इन बादलों की राहों में अब न आना कोई
VINOD KUMAR CHAUHAN
दुनियां की लिहाज़ में हर सपना टूट के बिखर जाता है
दुनियां की लिहाज़ में हर सपना टूट के बिखर जाता है
'अशांत' शेखर
" पहला खत "
Aarti sirsat
నమో సూర్య దేవా
నమో సూర్య దేవా
विजय कुमार 'विजय'
घिन लागे उल्टी करे, ठीक न होवे पित्त
घिन लागे उल्टी करे, ठीक न होवे पित्त
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
धड़कन धड़कन ( गीत )
धड़कन धड़कन ( गीत )
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
शायरी
शायरी
goutam shaw
आ जाओ घर साजना
आ जाओ घर साजना
लक्ष्मी सिंह
मानसिकता का प्रभाव
मानसिकता का प्रभाव
Anil chobisa
मीठा खाय जग मुआ,
मीठा खाय जग मुआ,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
"छ.ग. पर्यटन महिमा"
Dr. Kishan tandon kranti
अभी तक न विफलता है ,अभी तक न सफलता है (मुक्तक)
अभी तक न विफलता है ,अभी तक न सफलता है (मुक्तक)
Ravi Prakash
Loading...