Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

जब से आया शीतल पेय

शरबत की हो गई विदाई,
जब से आया शीतल पेय,
घर-घर की शोभा निराली,
सबसे सस्ता शीतल पेय।
चालीस रुपए की चीनी औ,
पांँच रुपए का नींबू लाओ,
फिर घोलने का झंझट पालो,
इससे अच्छा शीतल पेय।
अब है क्विक सर्विस का टाइम,
दो मिनट में हो मैगी तैयार,
तीस मिनट में पिज्जा सर्विस,
इसमें फिट हो शीतल पेय।
असली का अब गया जमाना,
नकली खाद्य और नकली पेय,
होटल, रेस्ट्राँ, शॉपिंग मॉल,
सबमें मिलता शीतल पेय।

मौलिक व स्वरचित
©® श्री रमण
बेगूसराय (बिहार)

5 Likes · 6 Comments · 163 Views
You may also like:
धार्मिक आस्था एवं धार्मिक उन्माद !
Shyam Sundar Subramanian
हमारी सभ्यता
Anamika Singh
बिछड़न [भाग ३]
Anamika Singh
तुम्हारी बात
सिद्धार्थ गोरखपुरी
का हो पलटू अब आराम बा!!
Suraj Kushwaha
✍️इरादे हो तूफाँ के✍️
'अशांत' शेखर
तलाश
Seema Tuhaina
देश के नौजवानों
Anamika Singh
✍️आज तारीख 7-7✍️
'अशांत' शेखर
कविता : व्रीड़ा
Sushila Joshi
दो जून की रोटी
Ram Krishan Rastogi
हम तेरे रोकने से
Dr fauzia Naseem shad
✍️अपने .......
Vaishnavi Gupta
★HAPPY FATHER'S DAY ★
KAMAL THAKUR
'बदला जग मौसम भी बदला'
Godambari Negi
✍️साबिक़-दस्तूर✍️
'अशांत' शेखर
चतुर्मास अध्यात्म
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
खत्म तुमको भी मैं कर देता अब तक
gurudeenverma198
*#गोलू_चिड़िया और #पिंकी (बाल कहानी)*
Ravi Prakash
दिल्लगी
Harshvardhan "आवारा"
मां से बिछड़ने की व्यथा
Dr.Alpa Amin
1971 में आरंभ हुई थी अनूठी त्रैमासिक पत्रिका "शिक्षा और...
Ravi Prakash
सही दिशा में
Ratan Kirtaniya
एक प्रयास अपने लिए भी
Dr fauzia Naseem shad
बुंदेली हाइकु- (राजीव नामदेव राना लिधौरी)
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
जुद़ा किनारे हो गये
शेख़ जाफ़र खान
" शरारती बूंद "
Dr Meenu Poonia
अश्रुपात्र A glass of years भाग 8
Dr. Meenakshi Sharma
गर्दिशे दौरा को गुजर जाने दे
shabina. Naaz
✍️जिंदगी की सुबह✍️
'अशांत' शेखर
Loading...