Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
Sep 5, 2017 · 1 min read

शिक्षक दिवस पर दोहे रमेश के

गुरु दिखलाये राह जब ,मिले नसीहत ज्ञान !
खिले उन्ही की सीख से, जीवन का उद्यान !!

शिक्षक का होता नहीं, खत्म कभी टेलेन्ट !
और न शिक्षा से कभी, मिले रिटायरमेंट !!

जाने कैसा दौर है, रही नहीं अब शर्म !
गुरु चेला दोनों यहाँ ,. भूले अपना धर्म !!

मुश्किल है इस दौर में,…. मानव की पहचान !
सद्गुरु पाना किस तरह, होगा फिर आसान !!
रमेश शर्मा

2 Likes · 2496 Views
You may also like:
माँ (खड़ी हूँ मैं बुलंदी पर मगर आधार तुम हो...
Dr Archana Gupta
✍️इतने महान नही ✍️
Vaishnavi Gupta
दो पल मोहब्बत
श्री रमण 'श्रीपद्'
रात तन्हा सी
Dr fauzia Naseem shad
सच्चे मित्र की पहचान
Ram Krishan Rastogi
जीवन एक कारखाना है /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
Little sister
Buddha Prakash
पितु संग बचपन
मनोज कर्ण
पिता
Neha Sharma
जितनी मीठी ज़ुबान रक्खेंगे
Dr fauzia Naseem shad
'फूल और व्यक्ति'
Vishnu Prasad 'panchotiya'
बेटी को जन्मदिन की बधाई
लक्ष्मी सिंह
सिद्धार्थ से वह 'बुद्ध' बने...
Buddha Prakash
बरसात की झड़ी ।
Buddha Prakash
झूला सजा दो
Buddha Prakash
आदमी कितना नादान है
Ram Krishan Rastogi
पहचान...
मनोज कर्ण
ढाई आखर प्रेम का
श्री रमण 'श्रीपद्'
साधु न भूखा जाय
श्री रमण 'श्रीपद्'
पीला पड़ा लाल तरबूज़ / (गर्मी का गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
वो हैं , छिपे हुए...
मनोज कर्ण
पापा
सेजल गोस्वामी
ज़िंदगी से सवाल
Dr fauzia Naseem shad
✍️क्या सीखा ✍️
Vaishnavi Gupta
" एक हद के बाद"
rubichetanshukla रुबी चेतन शुक्ला
ख़्वाब पर लिखे अशआर
Dr fauzia Naseem shad
✍️दो पल का सुकून ✍️
Vaishnavi Gupta
फीका त्यौहार
पाण्डेय चिदानन्द
✍️आशिकों के मेले है ✍️
Vaishnavi Gupta
दिल में रब का अगर
Dr fauzia Naseem shad
Loading...