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21 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-493💐

शाम हो रही है ये हिज़्र सा पयाम मिला,
अब तक उनसे कोई भी इनाम न मिला,
सब ख़त्म होगा अब तो दुश्मन कह दूँगा,
ग़र दिल के सुकूँ सा कोई पैगाम न मिला।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
68 Views
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