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Jun 11, 2021 · 1 min read

शब्द – बूंद

जलकण में
जिंदगी समाहित
जीवनदाता ।

बूंद – बूंद से
संचित प्राण सुधा
तृप्त जीवन ।

तहसीलना
प्रकृति उपहार
नतमस्तक ।

चाहत बूंद
सर्वत्र सूखापन
अधर प्यासे ।

प्रत्येक बूंद
अनमोल रतन
बेशकीमती ।

बरसी बूंदें
टप टप टपके
छत छप्पर ।

संयुक्त बुंदें
भीषण हाहाकार
प्रलयंकारी ।

बूंदें बरसीं
सिंचित वसुंधरा
उम्मीद जगी ।

बूंद सलील
विकराल समुद्र
तहस नाश ।

स्वरचित एवं मौलिक
( ममता सिंह देवा , 24/05/2021 )

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