Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Jun 8, 2022 · 1 min read

शब्दों से परे

भावनायें तो अनिर्वचनीय हैं l
क्यों शब्दों में बधा जाये ll
चलो कहते कुछ और हैं l
और समझा कुछ और जाये ll

4 Likes · 5 Comments · 140 Views
You may also like:
नर्सिंग दिवस विशेष
हरीश सुवासिया
आप कौन है
Sandeep Albela
जीवन की प्रक्रिया में
Dr fauzia Naseem shad
लाख मिन्नते मांगी ......
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
अन्तर्मन ....
Chandra Prakash Patel
✍️बगावत थी उसकी✍️
'अशांत' शेखर
*हास्य-रस के पर्याय हुल्लड़ मुरादाबादी के काव्य में व्यंग्यात्मक चेतना*
Ravi Prakash
बता कर ना जाना।
Taj Mohammad
मत ज़हर हबा में घोल रे
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
प्रिय
D.k Math { ਧਨੇਸ਼ }
कमर तोड़ता करधन
शेख़ जाफ़र खान
छोटा-सा परिवार
श्री रमण 'श्रीपद्'
शैशव की लयबद्ध तरंगे
Rashmi Sanjay
ए ! सावन के महीने क्यो मचाता है शोर
Ram Krishan Rastogi
तुम्हें देखा
Anamika Singh
*अनुशासन के पर्याय अध्यापक श्री लाल सिंह जी : शत...
Ravi Prakash
*कृष्ण जैसा मित्र होना चाहिए (मुक्तक)*
Ravi Prakash
बुद्ध पूर्णिमा पर तीन मुक्तक।
Anamika Singh
मेरे दिल का दर्द
Ram Krishan Rastogi
हवा का हुक़्म / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
हर किसी की बात नही
Anamika Singh
गिरधर तुम आओ
शेख़ जाफ़र खान
शिकस्ता हाल।
Taj Mohammad
दिल है कि मानता ही नहीं
gurudeenverma198
क्या प्रात है !
Saraswati Bajpai
मंजिल की उड़ान
AMRESH KUMAR VERMA
💐भगवत्कृपा सर्वेषु सम्यक् रूपेण वर्षति💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
दोस्ती का हर दिन ही
Dr fauzia Naseem shad
हमलोग
Dr.sima
भगवान परशुराम
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
Loading...