Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

व्याकुल हुआ है तन मन, कोई बुला रहा है।

गज़ल

221…..2122…..221….2122
व्याकुल हुआ है तन मन, कोई बुला रहा है।
है कौन हौले हौले, दिल में समा रहा है।

खिंचती ही जा रही हूं, बस में नहीं है तन मन,
दिल जां जिगर मेरा सब, वो ले के जा रहा है।

वो है जहां का छलिया, चितचोरी काम उसका,
पग जा रहे उधर ही, बंशी बजा रहा है।

बच्चे बड़े या बूढ़े, नर नारी सब हैं पागल,
मोहित किया है सबको, जादू सा छा रहा है।

खुल जाए आंख सबकी, ऐ मौला तू करम कर,
बच्चों की जिंदगी पर, भी साया आ रहा है।

जिसको खुदा समझते, थे लोग घर के सारे,
वो सब ठगे गये हैं, दिखने में आ रहा है।

प्रेमी करो जो उल्फत, पहचान कर खुदा की,
इंसा खुदा से बढ़कर, खुद को दिखा रहा है।

……..✍️ प्रेमी

60 Views
You may also like:
*जन्मा पाकिस्तान (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
क्या क्या कह दिया मैंने
gurudeenverma198
मरते वक्त उसने।
Taj Mohammad
सद्आत्मा शिवाला
Pt. Brajesh Kumar Nayak
जुल्फ जब खुलकर बिखर गई
मनमोहन लाल गुप्ता अंजुम
दर्द ख़ामोशियां
Dr fauzia Naseem shad
तिश्ना तिश्ना सा है आज नफ्स मेरा।
Taj Mohammad
दूल्हे अब बिकते हैं (एक व्यंग्य)
Ram Krishan Rastogi
जिंदगी एक कविता
Gaurav Dehariya साहित्य गौरव
जहाँ न पहुँचे रवि
विनोद सिल्ला
दर्द को गर
Dr fauzia Naseem shad
*बुढ़ापे में दूसरी शादी (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
मैं सोता रहा......
Avinash Tripathi
बेटियाँ
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
कलम बन जाऊंगा।
Taj Mohammad
ज़िंदगी पर भारी
Dr fauzia Naseem shad
दुनियाँ की भीड़ में।
Taj Mohammad
✍️"बा" ची व्यथा✍️।
'अशांत' शेखर
लो अब निषादराज का भी रामलोक गमन
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
आईना
Buddha Prakash
पुस्तक -कैवल्य की परिचयात्मक समीक्षा
Rashmi Sanjay
कौन समझाए।
Taj Mohammad
मंजिले जुस्तजू
Vikas Sharma'Shivaaya'
मेरी मोहब्बत की हर एक फिक्र में।
Taj Mohammad
पिता का साया हूँ
N.ksahu0007@writer
पहाड़ों की रानी
Shailendra Aseem
उसकी मर्ज़ी का
Dr fauzia Naseem shad
Once Again You Visited My Dream Town
Manisha Manjari
पूरी करता घर की सारी, ख्वाहिशों को वो पिता है।
सत्य कुमार प्रेमी
ज़िंदगी को चुना
अंजनीत निज्जर
Loading...