व्यंग्य -कविता

औरों को हँसाना जानते हैं
———————————
हम भी बहाने बनाना जानते हैं ,
पसीने के पानी में हम भी नहाना जानते हैं ।
कोई और कुशूर कर जाता है लेकिन ,
किसी और पर आरोप लगाना लगाना जानते हैं ।
हम भी………..
शतरंज की चालें कोई चले ही भले ,
दिल में खन्जर भोंक कर कोई मिले ही भले ।
हालात देखकर माहौल का पता चल जाता है ।
हम तो प्यार करते हैं कोई जले ही भले ।
शतरंज की बाजी में हम भी फँसाना जानते हैं ।।
हम भी…………….
कुछ लोग खुद को होशियार समझ लेते हैं ,
कुछ लोग धोखेवाजों को यार समझ लेते हैं ।
खुद के ही हाथ को काट दे जो खंजर,
कुछ लोग उसे ही हथियार समझ लेते हैं ।
हम मौन हैं पर वातैं बनाना जानते हैं । हम भी…
कुछ को तो अपनों को सताने में मज़ा आता है,
कुछ को गैरों को हँसाने में मजा आता है ।
दुनिया में तरह तरह के लोग होते हैं ,
कुछ को तो औरों को रुलाने में मजा आता है ।
खुद रोकर औरों को हँसाना जानते हैं ।।हम भी…
डाँ0 तेज स्वरूप भारद्वाज

1 Like · 189 Views
You may also like:
नाम
Ranjit Jha
सागर
Vikas Sharma'Shivaaya'
बुध्द गीत
Buddha Prakash
तुझे अपने दिल में बसाना चाहती हूं
Ram Krishan Rastogi
खेत
Buddha Prakash
🌺🌺प्रेम की राह पर-47🌺🌺
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मेरी धड़कन जूलियट और तेरा दिल रोमियो हो जाएगा
Krishan Singh
परीक्षा एक उत्सव
Sunil Chaurasia 'Sawan'
बोलती आँखे...
मनोज कर्ण
"एक यार था मेरा"
Lohit Tamta
सच
Vikas Sharma'Shivaaya'
कौन है
Rakesh Pathak Kathara
"महेनत की रोटी"
Dr. Alpa H.
क्या लिखूं मैं मां के बारे में
Krishan Singh
उबारो हे शंकर !
Shailendra Aseem
"सुनो एक सैर पर चलते है"
Lohit Tamta
हवस
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
तितली सी उड़ान है
VINOD KUMAR CHAUHAN
मैं आज की बेटी हूं।
Taj Mohammad
मैं बहती गंगा बन जाऊंगी।
Taj Mohammad
ईद की दिली मुबारक बाद
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
पिता की छांव
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
जय जगजननी ! मातु भवानी(भगवती गीत)
मनोज कर्ण
" ओ मेरी प्यारी माँ "
कुलदीप दहिया "मरजाणा दीप"
दो शरारती गुड़िया
Prabhudayal Raniwal
पिता - नीम की छाँव सा - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
आ जाओ राम।
Anamika Singh
खींच तान
Saraswati Bajpai
अशोक विश्नोई एक विलक्षण साधक (पुस्तक समीक्षा)
Ravi Prakash
जीने की चाहत है सीने में
Krishan Singh
Loading...