Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
#4 Trending Author
May 26, 2022 · 1 min read

वेवफा प्यार

मैं तेरे प्यार में इतना डूबी,
की तेरे सिवा इस दुनिया में
मुझे कुछ नजर आया ही नही।

जब भी ईश्वर के दर पर
कुछ मांगने गई,
तेरी सलामती के सिवा
कभी ईश्वर से कुछ मांगा नही।

लाख बुरा वक़्त आया
मेरे जीवन में,
पर कभी अपने लिए मैने
ईश्वर के सामने गिरगिराया
ही नही।

मैंने तो तेरे साथ प्यार
वफा के साथ निभाया था,
खता इतनी हुई मुझसे
की मैंने तेरे बेवफा प्यार
को समझा ही नही।

वह आँखें जिसे मैं प्यार का
सागर समझकर खुश हुआ करती थी,
जब डूबी उसमें तो पता चला
वहाँ मेरे लिए प्यार नही
आँसु की दरिया थी।

पर शिकायत नही है तुमसें मेरी
क्योंकि तुम शुरू से वैसे ही थे,
वह तो मै थी, जिसके आँखो पर
बेवफा प्यार का पर्दा पड़ा था।

~अनामिका

1 Like · 180 Views
You may also like:
अल्फाजों में लिख दिया है।
Taj Mohammad
✍️हम बगावत हो जायेंगे✍️
'अशांत' शेखर
मंजिल
Kanchan Khanna
आँखें भी बोलती हैं
सिद्धार्थ गोरखपुरी
#15_जून
Ravi Prakash
खुद को भी
Dr fauzia Naseem shad
दोहावली-रूप का दंभ
asha0963
✍️✍️बूद✍️✍️
'अशांत' शेखर
💐ये मेरी आशिकी💐
DR ARUN KUMAR SHASTRI
बुंदेली दोहा-डबला
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
'The Republic Day '- in patriotic way !
Buddha Prakash
मां शारदा
AMRESH KUMAR VERMA
गीत की लय...
मनमोहन लाल गुप्ता अंजुम
“ प्रतिक्रिया ,समालोचना आ टिप्पणी “
DrLakshman Jha Parimal
We Would Be Connected Actually
Manisha Manjari
वह माँ नही हो सकती
Anamika Singh
अपने मंजिल को पाऊँगा मैं
Utsav Kumar Aarya
लोभ का जमाना
AMRESH KUMAR VERMA
राह के कांटे हटाते ही रहें।
सत्य कुमार प्रेमी
ये हरियाली
Taran Singh Verma
शाम सुहानी सावन की
लक्ष्मी सिंह
✍️रास्ता मंज़िल का✍️
Vaishnavi Gupta
क्या क्या कह दिया मैंने
gurudeenverma198
सुकुने अहसास।
Taj Mohammad
मंगलसूत्र
संदीप सागर (चिराग)
बाबूजी! आती याद
श्री रमण 'श्रीपद्'
ऐ जाने वफ़ा मेरी हम तुझपे ही मरते हैं।
सत्य कुमार प्रेमी
✍️जिंदगी का बोझ✍️
'अशांत' शेखर
नदी की अभिलाषा / (गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
आज मस्ती से जीने दो
Anamika Singh
Loading...