Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

विश्वास

ठोकर लग जाती है
जब विश्वासी बन कर
अपना कोई छलता है
अंतहीन विश्वास पर
विश्वासघात का परचम
फहराता है ,
ठोकर लग जाती है
जब अपना कोई छलता है
अक्सर मन पूछता
कि क्यों भरोसा किया इतना,
जब पता है इस जग की रीत
अपना ही विभीषण बनता है,
ठोकर लग जाती है
जब अपना कोई
विश्वासी बन छलता है,
स्वार्थ का मायाजाल हो फैला,
अंधकार हो स्याह,
अपनेपन का सूरज
फिर कहाँ निकलता है,
ठोकर लग जाती है
जब आपना कोई
विश्वासी बन छलता है,
निराशाओं का खारा समंदर फैलता है,
उमीदों का मीठा झरना
फिर कहाँ झरता है
ठोकर लग जाती है
जब अपना कोई
विश्वासी बन कर छलता है,
दम्भ की हिम शिखा हो विशाल
सर्वज्ञ ढकता है
नम्रता का सोता
फिर कहाँ फटता है ,
ठोकर लग ही जाती है
जब अपना कोई
विश्वासी बन छलता है

2 Likes · 291 Views
You may also like:
आज फिर
Rashmi Sanjay
मैं बेटी हूँ।
Anamika Singh
मां तेरे आंचल को।
Taj Mohammad
समंदर की चेतावनी
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
जाऊं कहां मैं।
Taj Mohammad
चाल कुछ ऐसी चल गया कोई।
सत्य कुमार प्रेमी
जय सियाराम जय-जय राधेश्याम …
Mahesh Ojha
ऐतबार नहीं करना!
Mahesh Ojha
प्रेम चिन्ह
sangeeta beniwal
अनोखी सीख
DESH RAJ
मैं कौन हूँ
Vikas Sharma'Shivaaya'
सहरा से नदी मिल गई
अरशद रसूल /Arshad Rasool
वैसे तो तुमसे
gurudeenverma198
"मायका और ससुराल"
Dr Meenu Poonia
ग्रहण
ओनिका सेतिया 'अनु '
रखना खयाल मेरे भाई हमेशा
gurudeenverma198
तो क्या होगा?
Shekhar Chandra Mitra
सोने की दस अँगूठियाँ….
Piyush Goel
हमको जो समझे हमीं सा ।
Dr fauzia Naseem shad
दुविधा
Shyam Sundar Subramanian
💐प्रेम की राह पर-56💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
देख कर
Dr fauzia Naseem shad
इस दर्द को यदि भूला दिया, तो शब्द कहाँ से...
Manisha Manjari
✍️पढ़ना ही पड़ेगा ✍️
Vaishnavi Gupta
✍️जंग टल जाये तो बेहतर है✍️
'अशांत' शेखर
जीवन मेला
DESH RAJ
My dear Mother.
Taj Mohammad
धरा करे मनुहार…
Rekha Drolia
मेरे जैसा ये कौन है
Dr fauzia Naseem shad
कविता 100 संग्रह
श्याम सिंह बिष्ट
Loading...