Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

विरह गीत

***** विरह गीत *****
*******************

छोड़ आई मैं घर परिवार।
आ गई हूँ प्रीतम दरबार।

लंबी है जुदाई तुम्हारी,
प्रेम किया है खता हमारी,
हुए चारों ओर बंद द्वार।
आ गई हूँ प्रीतम दरबार।

बांध सामान बैठी कब से,
चले गए अब तारे नभ से,
तुम्ही हो मेरा घर संसार।
आ गई हूँ प्रीतम दरबार।

कैसी उलझन में हो प्यारे,
तेरे बिना हम बे सहारे,
कर रही तुम्हारा इंतजार।
आ गई हूँ प्रीतम दरबार।

पगड़ी की है इज्जत रोली,
बिना फेरे संग तेरे हो ली,
मेरे हाल पर कर उपकार।
आ गई हूँ प्रीतम दरबार।

बीत जाएगी नेह की बेला,
विरह में मेरा मन अकेला,
सह न पाऊँ मैं अत्याचार।
आ गई हूँ प्रीतम दरबार।

प्यार में हूँ प्रेम दीवानी,
जैसे मीरा बनी मस्तानी,
समझने लगे हो हमे भार।
आ गई हूँ प्रीतम दरबार।

मनसीरत की आँखे सूखी,
मैं पगली प्रणय की भूखी,
हो ना जाए जग में प्रचार।
आ गई हूँ प्रीतम दरबार।

छोड़ आई मैं घर परिवार।
आ गई हूँ प्रीतम दरबार।
********************
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
खेड़ी राओ वाली (कैथल)

2 Likes · 107 Views
You may also like:
✍️मैं जब पी लेता हूँ✍️
'अशांत' शेखर
*सर्वोत्तम शाकाहार है (गीत)*
Ravi Prakash
हमनें खुद को अगर नहीं समझा
Dr fauzia Naseem shad
कुंडलिया छंद
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
*यात्रा (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
घुटने टेके नर, कुत्ती से हीन दिख रहा
Pt. Brajesh Kumar Nayak
जातिगत जनगणना से कौन डर रहा है ?
Deepak Kohli
मन ही बंधन - मन ही मोक्ष
Rj Anand Prajapati
दिया और हवा
Anamika Singh
इश्क का दरिया
Anamika Singh
जीवन और दर्द
Anamika Singh
योग छंद विधान और विधाएँ
Subhash Singhai
प्रकृति और कोरोना की कहानी मेरी जुबानी
Anamika Singh
The moon descended into the lake.
Manisha Manjari
जगत के स्वामी
AMRESH KUMAR VERMA
नदी बन जा तू
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
“ अरुणांचल प्रदेशक “ सेला टॉप” “
DrLakshman Jha Parimal
✍️पाँव बढाकर चलना✍️
'अशांत' शेखर
#मजबूरिया
Dalveer Singh
अपनी जिंदगी
Ashok Sundesha
हमको पास बुलाती है।
Taj Mohammad
जब काँटों में फूल उगा देखा
VINOD KUMAR CHAUHAN
चढ़ता पारा
जगदीश शर्मा सहज
✍️मैं परिंदा...!✍️
'अशांत' शेखर
✍️खरा सोना✍️
'अशांत' शेखर
उसे देख खिल जातीं कलियांँ
श्री रमण 'श्रीपद्'
खूबसूरत कुआं
Gaurav Dehariya साहित्य गौरव
परिस्थिति
AMRESH KUMAR VERMA
पापा क्यूँ कर दिया पराया??
Sweety Singhal
"नजीबुल्लाह: एक महान राष्ट्रपति का दुखदाई अन्त"
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
Loading...