Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
Sep 29, 2017 · 1 min read

विकट तेरी महिमा

?????
* विकट तेरी महिमा *
******************
विकट तेरी महिमा जग ने जानी है ,
ओ जगदम्बे मात !
*
कियौ महिषासुर नै अभिमान ,
इन्द्र कौ छीन लियौ सम्मान ,
देवगन छिपे देख अपमान,
दैत्य नै करी बहौत मनमानी है , ओ जगदम्बे मात !
विकट……।1।
*
स्तुती कर रहे वरुण कुबेर,
रहे ब्रह्मा विष्णु शिव टेर,
पुकारैं आ जा मत कर देर ,
नैन ते बह रह्यौ सबके पानी है , ओ जगदम्बे मात !
विकट….।2।
*
तेज तब निकसौ देवन अंग,
पुंज मिल बने तेज सब संग,
पुंज कूँ देख देव भये दंग,
पुंज तेजन कौ बनौ भवानी है, ओ जगदम्बे मात !
विकट……।3।
*
प्रकट भई लिये अठारह हाथ,
दमक रह्यौ नेत्र तीसरौ माथ,
झुके चरनन नाथन के नाथ ,
दशों दिश व्यापी छवी सुहानी है ,ओ जगदम्बे मात !
विकट ….. ।4।
*
दिये देवन ने अपने अस्त्र,
समर्पित किये मात कूँ शस्त्र,
प्रेम ते अर्पित कीन्हे वस्त्र,
सिंह पै सज कै चढ़ी भवानी है ,ओ जगदम्बे मात !
विकट……।5।
*
दियौ वर देवन कूँ जगदम्ब,
करूँ मैं दूर दैत्य कौ दभ्भ,
करौ फिर अट्टाहस माँ अम्ब ,
मात की गूँजी अम्बर वानी है,ओ जगदम्बे मात !
विकट……।6।
*
कियौ मद महिषासुर कौ चूर,
करौ वध कष्ट किये सब दूर ,
न कोई मैया सौ है शूर ,
कृपा करिहै सबपै महारानी है , ओ जगदम्बे मात !
विकट…….।7।
*
मात हम आये तेरे द्वार ,
तिहारौ साँचौ है दरबार,
लगइयो नैया भव ते पार,
‘ज्योति’ ने गाथा मात बखानी है , ओ जगदभ्बे मात !
विकट……..।8।
*****
-महेश जैन ‘ज्योति’,
मथुरा ।
*****
☘?☘?☘?☘

272 Views
You may also like:
ग़ज़ल / (हिन्दी)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
सही-ग़लत का
Dr fauzia Naseem shad
"कुछ तुम बदलो कुछ हम बदलें"
Ajit Kumar "Karn"
हे तात ! कहा तुम चले गए...
मनोज कर्ण
मातृ रूप
श्री रमण 'श्रीपद्'
घनाक्षरी छन्द
शेख़ जाफ़र खान
जब भी तन्हाईयों में
Dr fauzia Naseem shad
"बेटी के लिए उसके पिता "
rubichetanshukla रुबी चेतन शुक्ला
आसान नहीं होता है पिता बन पाना
Poetry By Satendra
मुझे आज भी तुमसे प्यार है
Ram Krishan Rastogi
कुछ पल का है तमाशा
Dr fauzia Naseem shad
ऐ ज़िन्दगी तुझे
Dr fauzia Naseem shad
तीन किताबें
Buddha Prakash
माखन चोर
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
आपको याद भी तो करते हैं
Dr fauzia Naseem shad
'याद पापा आ गये मन ढाॅंपते से'
Rashmi Sanjay
बताओ तो जाने
Ram Krishan Rastogi
पिता - जीवन का आधार
आनन्द कुमार
मन
शेख़ जाफ़र खान
महँगाई
आकाश महेशपुरी
छीन लिए है जब हक़ सारे तुमने
Ram Krishan Rastogi
✍️फिर बच्चे बन जाते ✍️
Vaishnavi Gupta
दोहा छंद- पिता
रेखा कापसे
दामन भी अपना
Dr fauzia Naseem shad
आस
लक्ष्मी सिंह
यादें वो बचपन के
Khushboo Khatoon
मिसाले हुस्न का
Dr fauzia Naseem shad
खुद से बच कर
Dr fauzia Naseem shad
प्रात का निर्मल पहर है
मनोज कर्ण
बरसात की छतरी
Buddha Prakash
Loading...