Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

वादा किया था हमने

वादा किया था हमने
मिले न मिले
फिर भी साथ निभाएँगे
राह अलग अलग ही सही
पर चलते जाएँगें
तुम कहीं थक कर रुक गए
तो हम भी रुक जाएँगें
नदी के दो किनारों की तरह
साथ साथ चलते जाएँगें
बात हो न हो चुप्पी ही समझ जाएँगें
तुम आँखों से पूछ लेना हर बात
हम आँखों आँखों में समझाएँगे
जब कभी होंगे तनहा, बेबस
एक दूजे के काम हम आएँगें
एक दूजे के रास्ते में न आयें
पर मुसीबत में दौड़े चले आएँगे
रखेंगे सब कुछ दिल में
अपने राज किसी को न बताएँगे
सब समेटेंगे ख़ुद में
बस दुनिया को नही दिखाएँगे
जब हो जाएँगे हर बंधन
हर ज़िम्मेदारी से मुक्त
तो एक बार फिर पास हम आएँगे
अपनी दुनिया सजाएँगे
पर तब तक रखना अपना ख़्याल तुम
हम मर कर भी जी जाएँगे

4 Likes · 4 Comments · 293 Views
You may also like:
कर्म पथ
AMRESH KUMAR VERMA
मालूम था।
Taj Mohammad
पिया मिलन की आस
Kanchan Khanna
हम आ जायेंगें।
Taj Mohammad
★TIME IS THE TEACHER OF HUMAN ★
KAMAL THAKUR
हम लिखते क्यों हैं
पूनम झा 'प्रथमा'
कविता की महत्ता
Rj Anand Prajapati
अवधी की आधुनिक प्रबंध धारा: हिंदी का अद्भुत संदोह
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
रिश्तों की कसौटी
VINOD KUMAR CHAUHAN
दोस्ती अपनी जगह है आशिकी अपनी जगह
Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI
सत्य छिपता नहीं...
मनोज कर्ण
और न साजन तड़पाओ अब तुम
Ram Krishan Rastogi
✍️एक ना हुए साकार✍️
"अशांत" शेखर
ग्रामीण चेतना के महाकवि रामइकबाल सिंह ‘राकेश
श्रीहर्ष आचार्य
#पूज्य पिता जी
आर.एस. 'प्रीतम'
लौटे स्वर्णिम दौर
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
🌺🌺प्रेम की राह पर-47🌺🌺
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
आंखों में जब
Dr fauzia Naseem shad
बरगद का पेड़
Manu Vashistha
कभी - कभी .........
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
पेश आना अब अदब से।
Taj Mohammad
मजदूर हूॅं साहब
Deepak Kohli
दोहावली-रूप का दंभ
asha0963
महाकवि भवप्रीताक सुर सरदार नूनबेटनी बाबू
श्रीहर्ष आचार्य
जुल्फ जब खुलकर बिखर गई
मनमोहन लाल गुप्ता अंजुम
"बेटी के लिए उसके पिता "
rubichetanshukla रुबी चेतन शुक्ला
उपहार की भेंट
Buddha Prakash
नहीं हंसी का खेल
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
वक्त ए ज़लाल।
Taj Mohammad
Corporate Mantra of Politics
AJAY AMITABH SUMAN
Loading...