Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Nov 2016 · 1 min read

वफ़ा करते दिले- बीमारे- उल्फ़त से नज़र भर देखते मुझको मुहब्बत से

वफ़ा करते दिले- बीमारे- उल्फ़त से
नज़र भर देखते मुझको मुहब्बत से
———————————————-
ग़ज़ल
क़ाफ़िया- अत, रदीफ़- से
वज़्न-1222 1222 1222 1222
अरक़ान- मुफ़ाईलुन × 4
बहर-बहरे हज़ज मुसद्दस सालिम
———————————————-
वफ़ा करते दिले- बीमारे- उल्फ़त से
नज़र भर देखते मुझको मुहब्बत से
———————————————-
तुम्हारी हर परेशानी तुम्हारी है
तुम्हें लड़ना है खुद अपनी मुसीबत से
———————————————-
हवाएँ बन गईं दुश्मन चराग़ों की
ज़माना देखता है उनको हैरत से
———————————————-
हमेशा बाजुओं में अपनी रखना दम
कोई उम्मीद मत रखना हुक़ूमत से
———————————————-
लड़ाई से न कुछ हासिल हुआ करता
समझना चाहिये ये बात शिद्दत से
———————————————-
नज़र टेढ़ी किये रहते हो हर दम ही
कभी तो पेश आओ जी शराफ़त से
———————————————-
जहां वाले बिछाया करते हैं अक्सर
कभी पत्थर नहीं आते हैं जन्नत से
———————————————-
छिड़ी फिर से मुहिम ईमानदारी की
फ़रिश्ते लड़ रहे शैतानी फ़ितरत से
———————————————-
बुजुर्गों की दुआओं से मिले दौलत
दुआएं मिल नहीं सकती हैं दौलत से
———————————————-
लड़ाते हैं सभी को मंदिरो – मस्ज़िद
भरोसा उठ गया गुलशन इबादत से
———————————————-
राकेश दुबे “गुलशन”
14/11/2016
बरेली

186 Views
You may also like:
अंगडाई अंग की, वो पुकार है l
अरविन्द व्यास
अमृत महोत्सव
वीर कुमार जैन 'अकेला'
माटी जन्मभूमि की दौलत ......
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
"दूब"
Dr Meenu Poonia
🚩माँ, हर बचपन का भगवान
Pt. Brajesh Kumar Nayak
🗿🗿आपको याद किया याद किया।🗿🗿
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
9 इंच ज्यादा या 5+5 इंच !!
Rakesh Bahanwal
निगाहें
जय लगन कुमार हैप्पी
मेरी बेटी
लक्ष्मी सिंह
हासिल ना हुआ।
Taj Mohammad
हम क्या
Dr fauzia Naseem shad
मां शारदे
मनमोहन लाल गुप्ता 'अंजुम'
उसके मेरे दरमियाँ खाई ना थी
Khalid Nadeem Budauni
अशिक्षा
AMRESH KUMAR VERMA
दिल पूछता है हर तरफ ये खामोशी क्यों है
VINOD KUMAR CHAUHAN
महबूबा से
Shekhar Chandra Mitra
"कोरोना लहर"
MSW Sunil SainiCENA
धूल जिसकी चंदन है भाल पर सजाते हैं।
सत्य कुमार प्रेमी
✍️ खुद की परख
'अशांत' शेखर
दुर्योधन कब मिट पाया:भाग:36
AJAY AMITABH SUMAN
सजना सिन्होरवाँ सुघर रहे, रहे बनल मोर अहिवात।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
भरोसा नहीं रहा।
Anamika Singh
” INDOLENCE VS STRENUOUS”
DrLakshman Jha Parimal
गुरुर
Annu Gurjar
आत्मविश्वास
Dr. Akhilesh Baghel "Akhil"
*श्री विष्णु शरण अग्रवाल सर्राफ द्वारा ध्यान का आयोजन*
Ravi Prakash
तेरे होने में क्या??
Manoj Kumar
प्रतीक्षा के द्वार पर
Saraswati Bajpai
My Expressions
Shyam Sundar Subramanian
आखिरी पड़ाव
DESH RAJ
Loading...