Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Aug 26, 2016 · 1 min read

वक्त

न जाने वक्त कितने अनकहे,अनसुलझे,अनछुए पहलू के मर्म को समझाएगा
सचमुच वक्त क्या क्या सितम ढाएगा
जख्म पे जख्म मिलकर नासूर बन जाएगा
न जाने कौन सा वक्त मरहम लेकर आएगा

143 Views
You may also like:
$$पिता$$
दिनेश एल० "जैहिंद"
दीपावली,प्यार का अमृत, प्यार से दिल में, प्यार के अंदर...
Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI
"पिता की क्षमता"
पंकज कुमार "कर्ण"
themetics of love
DR ARUN KUMAR SHASTRI
तेरा यह आईना
gurudeenverma198
तुम जिंदगी जीते हो।
Taj Mohammad
✍️वास्तविकता✍️
"अशांत" शेखर
कन्या रूपी माँ अम्बे
Kanchan Khanna
गीत -
Mahendra Narayan
शृंगार छंद और विधाएं
Subhash Singhai
बदल कर टोपियां अपनी, कहीं भी पहुंच जाते हैं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
खंडहर हुई यादें
VINOD KUMAR CHAUHAN
हमको समझ ना पाए।
Taj Mohammad
शहीद की बहन और राखी
DESH RAJ
जून की दोपहर (कविता)
Kanchan Khanna
नियमित बनाम नियोजित(मरणशील बनाम प्रगतिशील)
Sahil
अभिव्यक्ति की आजादी पर अंकुश
ओनिका सेतिया 'अनु '
कितना मुश्किल है पिता होना
Ashish Kumar
छंदों में मात्राओं का खेल
Subhash Singhai
*ससुराला : ( काव्य ) वसंत जमशेदपुरी*
Ravi Prakash
पितृ-दिवस / (समसामायिक नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
✍️शब्दांच्या संवेदना...✍️
"अशांत" शेखर
【25】 *!* विकृत विचार *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
मैं हो गई पराई.....
Dr. Alpa H. Amin
बारिश की बौछार
Shriyansh Gupta
दोहे
सूर्यकांत द्विवेदी
1-साहित्यकार पं बृजेश कुमार नायक का परिचय
Pt. Brajesh Kumar Nayak
गम आ मिले।
Taj Mohammad
जीवन चक्र
AMRESH KUMAR VERMA
बेपनाह रूहे मोहब्बत।
Taj Mohammad
Loading...