Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
#24 Trending Author

लहजा

लहजा वक़्त देखकर बदल जाता है
आप से तुम, तुम से तूँ का सफ़र यूँही नहीं होता
-सिद्धार्थ गोरखपुरी

1 Like · 94 Views
You may also like:
एक शहीद की महबूबा
ओनिका सेतिया 'अनु '
आदमी कितना नादान है
Ram Krishan Rastogi
स्मृति : पंडित प्रकाश चंद्र जी
Ravi Prakash
पुकार सुन लो
वीर कुमार जैन 'अकेला'
"ज़ुबान हिल न पाई"
अमित मिश्र
तुम धूप छांव मेरे हिस्से की
Saraswati Bajpai
अन्तर्मन ....
Chandra Prakash Patel
मुक्तक: युद्ध को विराम दो.!
Prabhudayal Raniwal
# स्त्रियां ...
Chinta netam " मन "
सो गया है आदमी
कुमार अविनाश केसर
जबसे मुहब्बतों के तरफ़दार......
अश्क चिरैयाकोटी
ठंडे पड़ चुके ये रिश्ते।
Manisha Manjari
जला दिए
सिद्धार्थ गोरखपुरी
पिता की नसीहत
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
सुरज दादा
Anamika Singh
इन्तजार किया करतें हैं
शिव प्रताप लोधी
अहसास
Vikas Sharma'Shivaaya'
A wise man 'The Ambedkar'
Buddha Prakash
मारुति वंदन
Vishnu Prasad 'panchotiya'
गंगा माँ
Anamika Singh
हे ! धरती गगन केऽ स्वामी...
मनोज कर्ण
*माहेश्वर तिवारी जी से संपर्क*
Ravi Prakash
शहीद भारत यदुवंशी को मेरा नमन
Surabhi bharati
मां
Dr. Rajeev Jain
तन्हा ही खूबसूरत हूं मैं।
शक्ति राव मणि
उलझनें_जिन्दगी की
मनोज कर्ण
पक्षियों से कुछ सीखें
Vikas Sharma'Shivaaya'
पापा क्यूँ कर दिया पराया??
Sweety Singhal
✍️आझादी की किंमत✍️
"अशांत" शेखर
तुम और मैं
Ram Krishan Rastogi
Loading...