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23 Oct 2022 · 1 min read

!! लक्ष्य की उड़ान !!

सोचो समझो चल उठो
लक्ष्य की उड़ान की ओर बढ़ते चलो
कड़ी मेहनत के साथ तुम
आगे डट के साथ चलते रहो ।

तुम्हें राह में बाधाएं आएंगी
फिर भी कुचलते पार करो
कड़ी मेहनत को छोड़ो ना तुम
बढ़ते चलते पार करते चलो।

मंजिल की तलाश में हम
होकर अकेला चल पड़े
अब रुकेंगे नहीं बीच राहों में
खून पसीना बहा कर चले चलो।

मंजिल की मुकाम पाने को
डट कर हमेशा काम करते चलो
खून पसीना एक करके हम
मंजिल की उड़ान में आशाएं बढ़ाते चलो।

सोचो समझो चल उठो,
मंजिल की उड़ान की ओर।।

राजा कुमार ‘चौरसिया’
सलौना, बखरी, बेगूसराय

Language: Hindi
Tag: कविता
5 Likes · 95 Views
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