Oct 7, 2016 · 1 min read

रिश्ता दर्द का

गैरो से कहकर वो ,दर्द मे सुकून पाते है
रिश्ता हमसे है दर्द का ,गैरो से निभाते है

चलो इसमें भी कोई एेतराज नहीं
तरीके वही अपनाओगे ,जो तुम्हें अाते है

मन के धरातल पर हमारी तस्वीर जो बनाते है
स्वार्थ और अहम आकर उसको मिटा जाते है

प्रेम एक वरदान है
भाग्य जिनका हो सुनहरा वही इसे पाते है

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