Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Mar 20, 2019 · 1 min read

राधा कृष्ण की होली

गीत●●खेल रहे सब होली
*******************

आगे आगे राधा मोहन,
पीछे सबकी टोली… !
इंद्रधनुष के, प्रीत रंगों से,
खेल रहे सब होली…!
होली-होली- होली- 2

राधा रानी हाथ न आये,
कान्हा उसको पास बुलाये ….!
मुरली की जब तान सुनाई,
राधा सुनके रुक ना पाई….!
जैसे स्वर में बन्सी बाजी,
उसी रंग में राधा नाची….!
लाज शरम सब छोड़के,
प्रीत की चूनर ओढ़ के …!
थाम हाथ कान्हा से बोली,
मैं तो तेरी होली…!
बरस रहा है झर झर अमृत…!
खेल रहे सब होली.. !
होली-होली- होली- 2

आगे आगे राधा मोहन …
पीछे सबकी टोली… !
इंद्रधनुष के, प्रीत रंगों से..
खेल रहे सब होली…! होली-होली- होली- 2

छुपे कहाँ बैठे हो सजना,
बीत न जाये अनुपम सपना…!
मैं भी थोड़ा रंग लगा लूँ ,
अंग से अपना अंग लगा लूँ…!
खेलूँ सजना ऐसी होली,
राधा जैसे करे ठिठोली…!
अब तो आओ प्रीतम प्यारे,
चाहे देखें लोग नज़ारे…!
तन्हाई से मैं घबराऊँ,
बिन तेरे अब रह ना पाऊँ….!
अब तू सहरा बाँध के आना,
डोली मेरी सँग ले जाना..!
तू ही बस मेरा हम जोली,
खेल रहे सब होली…!
होली-होली- होली- 2

आगे आगे राधा मोहन …
पीछे सबकी टोली… !
इंद्रधनुष के, प्रीत रंगों से..
खेल रहे सब होली…!
होली-होली- होली- 2

✍✍ डॉ० प्रतिभा माही

4 Likes · 1 Comment · 1563 Views
You may also like:
✍️वो कहा है..?✍️
'अशांत' शेखर
✍️✍️दोस्त✍️✍️
'अशांत' शेखर
Ye Sochte Huye Chalna Pad Raha Hai Dagar Main
Muhammad Asif Ali
गीत
शेख़ जाफ़र खान
मेरी हर सांस में
Dr fauzia Naseem shad
बेपनाह रूहे मोहब्बत।
Taj Mohammad
बेटी को लेकर सोच बदल रहा है
Anamika Singh
वक्त सबको देता है मौका
Anamika Singh
कर्ण और दुर्योधन की पहली मुलाकात
AJAY AMITABH SUMAN
"बारिश संग बदरिया"
Dr Meenu Poonia
✍️तन्हा खामोश हूँ✍️
'अशांत' शेखर
तमाम उम्र।
Taj Mohammad
✍️ज़ख्मो का स्वाद✍️
'अशांत' शेखर
सजा मुस्कराने की क्या होगी - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
विश्व पृथ्वी दिवस
Dr Archana Gupta
हासिल ना हुआ।
Taj Mohammad
पापा करते हो प्यार इतना ।
Buddha Prakash
घृणित नजर
Dr Meenu Poonia
पैसा
Kanchan Khanna
स्वादिष्ट खीर
Buddha Prakash
खिला प्रसून।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
तुझे अपने दिल में बसाना चाहती हूं
Ram Krishan Rastogi
मन की व्यथा।
Rj Anand Prajapati
✍️सुकून✍️
'अशांत' शेखर
लूटपातों की हयात
AMRESH KUMAR VERMA
कोई न अपना
AMRESH KUMAR VERMA
पैसों का खेल
AMRESH KUMAR VERMA
शृंगार छंद और विधाएं
Subhash Singhai
यह सूखे होंठ समंदर की मेहरबानी है
Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI
आया जो,वो आएगा
AMRESH KUMAR VERMA
Loading...