Oct 13, 2016 · 1 min read

राजयोग महागीता:: प्रभु प्रणाम ( घनाक्षरी ) पोस्ट५

विभु राम ,नृसिंहादि रूपों में जो व्यक्त हुए ,
भगवान गोविंद का करता भजन हूँ ,
प्रभु कृष्ण रूप में जो स्वयं ही प्रकट हुए ,
उन परमब्रह्म को मैं करता नमन हूँ ।
भक्ति प्रेम- अंजन से , रंजित नयन से मैं ,
करता दर्शन नित्य करता भजन हूँ ।
जब – तब उनकी ही अहेतुकी कृपा से जो ,
होता यह सुगंधित , ऐसा मैं सुमन हूँ।।२४!!

164 Views
You may also like:
पापा जी
सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग१]
Anamika Singh
Nature's beauty
Aditya Prakash
मारुति वंदन
Vishnu Prasad 'panchotiya'
बड़ा भाई बोल रहा हूं
Satpallm1978 Chauhan
पापा
Kanchan Khanna
*मृदुभाषी श्री ऊदल सिंह जी : शत-शत नमन*
Ravi Prakash
【26】**!** हम हिंदी हम हिंदुस्तान **!**
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
The Journey of this heartbeat.
Manisha Manjari
अभी तुम करलो मनमानियां।
Taj Mohammad
यादें
Sidhant Sharma
ये ख्वाब न होते तो क्या होता?
सिद्धार्थ गोरखपुरी
पिता तुम हमारे
Dr. Pratibha Mahi
चलो स्वयं से इस नशे को भगाते हैं।
Taj Mohammad
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
हिन्दी साहित्य का फेसबुकिया काल
मनोज कर्ण
कौन है
Rakesh Pathak Kathara
खेतों की मेड़ , खेतों का जीवन
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
पिता अम्बर हैं इस धारा का
Nitu Sah
Little baby !
Buddha Prakash
आसान नहीं हैं "माँ" बनना...
Dr. Alpa H.
इश्क में तुम्हारे गिरफ्तार हो गए।
Taj Mohammad
कवि का परिचय( पं बृजेश कुमार नायक का परिचय)
Pt. Brajesh Kumar Nayak
प्यार के फूल....
Dr. Alpa H.
💐💐💐न पूछो हाल मेरा तुम,मेरा दिल ही दुखाओगे💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
परिवार दिवस
Dr Archana Gupta
* प्रेमी की वेदना *
Dr. Alpa H.
चेहरा तुम्हारा।
Taj Mohammad
आज अपने ही घर से बेघर हो रहे है।
Taj Mohammad
पिता की छाँव...
मनोज कर्ण
Loading...