“राग द्वेष से सुदूर चले”

चलो निदारुण शब्दों की
भींड से निकल कर ,
निनादित मौन के संग चले,
छोडकर गुंफित सृजन को
स्वच्छ निहंग व्योम के तले ,
विहग संग धरा से उठ कर
राग- द्वेष से सुदूर चलें |
…निधि …

1 Like · 207 Views
You may also like:
कुछ कहना है..
Vaishnavi Gupta
विरह की पीड़ा जब लगी मुझे सताने
Ram Krishan Rastogi
हमको आजमानें की।
Taj Mohammad
डर कर लक्ष्य कोई पाता नहीं है ।
Buddha Prakash
एक पिता की जान।
Taj Mohammad
ग़ज़ल- इशारे देखो
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
सम्मान की निर्वस्त्रता
Manisha Manjari
मुझे चाहत हैं तेरी.....
Dr. Alpa H.
पिता खुशियों का द्वार है।
Taj Mohammad
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर दोहे
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
ग़ज़ल
Nityanand Vajpayee
मत ज़हर हबा में घोल रे
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
'फूल और व्यक्ति'
Vishnu Prasad 'panchotiya'
जब वो कृष्णा मेरे मन की आवाज़ बन जाता है।
Manisha Manjari
तितली सी उड़ान है
VINOD KUMAR CHAUHAN
मां तो मां होती है ( मातृ दिवस पर विशेष)
ओनिका सेतिया 'अनु '
पुस्तक समीक्षा-"तारीखों के बीच" लेखक-'मनु स्वामी'
Rashmi Sanjay
【28】 *!* अखरेगी गैर - जिम्मेदारी *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
💐 ग़ुरूर मिट जाएगा💐
DR ARUN KUMAR SHASTRI
हिरण
Buddha Prakash
खेसारी लाल बानी
Ranjeet Kumar
मेरे दिल को जख्मी तेरी यादों ने बार बार किया
Krishan Singh
💐💐प्रेम की राह पर-10💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
विश्व मजदूर दिवस पर दोहे
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
पिता
नवीन जोशी 'नवल'
उस रब का शुक्र🙏
Anjana Jain
*रामपुर रजा लाइब्रेरी में रक्षा-ऋषि लेफ्टिनेंट जनरल श्री वी. के....
Ravi Prakash
इश्क ए दास्तां को।
Taj Mohammad
दिल और गुलाब
Vikas Sharma'Shivaaya'
मजदूर हूॅं साहब
Deepak Kohli
Loading...