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9 Nov 2016 · 1 min read

रंग

रंगों की दुनिया से एक खबर लाई है,
ये नमकीन हवाएँ उसे छूकर आई है।

गुलाल उसके हाथों में और गुलाबी दिखता है,
मुझे तो हवाओं का मिजाज भी शराबी दिखता है।

रंगों के बहाने काश एक बात हो जाए,
उनसे मुद्दतों बाद एक मुलाक़ात हो जाए।
उसके रंग से रंगों को रंगीन कर देते हैं,
जो अपनी आहट से ही मौसम को हसीं कर देते है।

कोई तो लाओ वो रंग मेरी जिंदगी में
जो उसकी नाजुक मुस्कान से बहा करते थे
उसके रंगीन चिरागों का कुछ ऐसा जलवा था
हम दीवाली को भी होली कहा करते थे।

Language: Hindi
Tag: कविता
1 Like · 1 Comment · 234 Views
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