Oct 15, 2016 · 1 min read

रंग सारे छोड़ कर हम हंस हो गये ( गीत ) पोस्ट- २४

रंग सारे छोड़ कर हम हंस हो गये ( गीत )

रंग सारे छोड कर हम हंस हो गये ।
रंग सारे प्राप्त कर तुम श्याम हो गये ।।

आयीं भले ही ऑधियॉ, आयीं रुकावटें ,
विचलित न होकरलकिंतु हम तो रहे डँटे।
भाव के आकाश में गतिमान हो गये ,
हम प्रेम- पंख के बल अविराम हो गये ।
रंग सारे प्राप्त कर तुम श्याम हो गये ।।

श्रद्धा के माथे पर चंदन लगा दिया ,
हमने अपना अंतस दर्पन बना लिया ।
आकर मेरे समीप दिनमान हो गये
हमको देकर दर्शन अभिराम हो गये ।
रंग सारे प्राप्त कर तुम श्याम हो गये ।।

हो परम सत्य पावन , विश्वास भी तुम्हीं ,
हो ज्ञान- प्रेम भावन ,उल्लास भी तुम्हीं।
हम काम- अर्थ तज कर, निष्काम हो गये।
छवि- धाम हो गये तुम, सुख- धाम हो गये।
रंग सारे प्राप्त कर तुम श्याम हो गये ।।

—– जितेन्द्र कमल आनंद

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