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Nov 7, 2016 · 1 min read

ये होता न था

रूठेगा कोई इस तरह सोचा न था
इससे पहले तो कोई ,लोचा न था
**************************
तोड़ देते हम भी उसका दिल मग़र
अखलाख से हमारे, ये होता न था
**************************
कपिल कुमार
06/11/2016

अखलाख……जमीर

116 Views
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