Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Jun 17, 2022 · 1 min read

ये सियासत है।

ये सियासत है…
तुम ना समझ पाओगे…!!
सच्चा बोलोगे…
तो कुछ ना कर पाओगे…!!
आवाम भी गजब होती है…
गर बैठा ले पलकों पर…
तो होके खोटे सिक्के भी तुम…
इसमें चल जाओगे…!!

✍️✍️ ताज मोहम्मद ✍️✍️

1 Like · 52 Views
You may also like:
शुक्र ए खुदा
shabina. Naaz
हमको जो समझे हमीं सा ।
Dr fauzia Naseem shad
माटी जन्मभूमि की दौलत ......
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
दूल्हे अब बिकते हैं (एक व्यंग्य)
Ram Krishan Rastogi
तेरा यह आईना
gurudeenverma198
आया शरद पूर्णिमा की महारास
लक्ष्मी सिंह
फ़ायदा कुछ नहीं वज़ाहत का ।
Dr fauzia Naseem shad
वफ़ा
Seema 'Tu haina'
हसरतें थीं...
Dr. Meenakshi Sharma
ओ भोले भण्डारी
Anamika Singh
✍️✍️हादसा✍️✍️
'अशांत' शेखर
कविता
Ravi Prakash
✍️✍️वहम✍️✍️
'अशांत' शेखर
पागल हूं जो दिन रात तुझे सोचता हूं।
Harshvardhan "आवारा"
जीवन के आधार पिता
Kavita Chouhan
बढ़ती आबादी
AMRESH KUMAR VERMA
“ जालंधर केंट टू अमृतसर ” ( यात्रा संस्मरण )
DrLakshman Jha Parimal
जुबान काट दी जाएगी - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
कर्म पथ
AMRESH KUMAR VERMA
$दोहे- हरियाली पर
आर.एस. 'प्रीतम'
तुझे वो कबूल क्यों नहीं हो मैं हूं
Krishan Singh
इश्क
goutam shaw
✍️चाबी का एक खिलौना✍️
'अशांत' शेखर
संघर्ष
Arjun Chauhan
✍️वो खूबसूरती✍️
'अशांत' शेखर
जाने कहाँ
Dr fauzia Naseem shad
नाशवंत आणि अविनाशी
Shyam Sundar Subramanian
दिल्लगी
Harshvardhan "आवारा"
नन्हा बीज
मनोज कर्ण
घडी़ की टिक-टिक⏱️⏱️
Dr. Akhilesh Baghel "Akhil"
Loading...