Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Jun 1, 2021 · 2 min read

ये समय की कैसी आहट है!

ये समय की कैसी आहट है!

ये समय की कैसी आहट है,
हर ओर बस घबराहट है।

हवा में जहर का कोई कतरा है,
सांस लेने मे भी बहुत खतरा है।

हर तरफ इक अजीब सी खामोशी है ,
चुप हैं सब और थोड़ी सरगोशी है।

लोग हर उम्र के रोज़ मर रहे,
जो ज़िंदा हैं खौफ मे हैं और डर रहे ।

डॉक्टर जो भगवान बन लड़े हैं,
वो भी हाथ जोड़े असहाय से खड़े हैं।

अस्पतालो में जगह नहीं लंबी कतार है,
सड़को पे दम तोड़ रहे लोग बस हाहाकार है।

दवा जो जीवन देती थी अब साथ छोड़ चली,
जिंदगी जिंदगी से जैसे मुह मोड चली।

मानवता हर रोज़ हार रही है,
रिश्ते नाते सबको मार रही है ।

किसी अपने का फोन जो देर रात बज उठता है,
दिल बैठ जाता है मन सिहर उठता है।

जाने कितने खूबसूरत लोग नहीं रहे,
जो रह गये उन्होंने भी कितने दुख सहे।

अब भी मृत्यु का ये खेल नहीं रुक रहा,
काल का मस्तक तनिक भी नहीं झुक रहा।

समशानों मे चिताए जल रहीं धुंआ उठ रहा,
कोई मईयत की दुआ पढ़ रहा, कहीं जनाजा उठ रहा।

दुनिया बनाने वाले अब तेरा ही सहारा है,
प्रयास सबने बहुत किया पर हर कोई हारा है।

भूल जो हुई हो हमसे अब माफ करो,
हवा मे जो गंध फैली उसको अब साफ करो।

काल को दो आदेश की अब रुक जाए,
जीवन के आगे अब मृत्यु झुक जाए।

बहुत लंबी रात रही अंधेरा अब दूर करो,
सूरज की नव किरणों से तम का अहं अब चूर करो।

थम गयी जो सरिता वापस अपनी लहरों को उबारे,
साफ कर अपने सफ़ीने मांझी भी उठा सकें पतवारें।

सहम गयी जो जिंदगी वापस अपने पंख पसारे,
जीत जाएँ सबके हौसले और दुख सबके अब हारें।

1 Like · 2 Comments · 214 Views
You may also like:
अनामिका के विचार
Anamika Singh
गाँव की साँझ / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
हर हक़ीक़त को
Dr fauzia Naseem shad
सैनिक
AMRESH KUMAR VERMA
पसीना।
Taj Mohammad
अपना अंजाम फिर आप
Dr fauzia Naseem shad
दरख्तों से पूँछों।
Taj Mohammad
* साहित्य और सृजनकारिता *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
दादी की कहानी
दुष्यन्त 'बाबा'
कहानी *"ममता"* पार्ट-5 लेखक: राधाकिसन मूंधड़ा, सूरत।
radhakishan Mundhra
"चैन से तो मर जाने दो"
रीतू सिंह
विश्व पुस्तक दिवस
Rohit yadav
ये कैसा धर्मयुद्ध है केशव (युधिष्ठर संताप )
VINOD KUMAR CHAUHAN
मार्मिक फोटो
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
शहीद का पैगाम!
Anamika Singh
कोई किस्मत से कह दो।
Taj Mohammad
चेहरा अश्कों से नम था
Taj Mohammad
बँटवारे का दर्द
मनोज कर्ण
युद्ध के उन्माद में है
Shivkumar Bilagrami
✍️जंग टल जाये तो बेहतर है✍️
"अशांत" शेखर
हर दिन इसी तरह
gurudeenverma198
रुक क्यों जाता हैं
Taran Singh Verma
गीत
शेख़ जाफ़र खान
अनमोल जीवन
आकाश महेशपुरी
कर्म पथ
AMRESH KUMAR VERMA
✍️एक घना दश्त है✍️
"अशांत" शेखर
✍️मिसाले✍️
"अशांत" शेखर
क्या क्या हम भूल चुके है
Ram Krishan Rastogi
फर्क पिज्जा में औ'र निवाले में।
सत्य कुमार प्रेमी
✍️कल के सुरज को ✍️
"अशांत" शेखर
Loading...