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10 Sep 2022 · 1 min read

ये बारिश का मौसम

क्या जान पाएंगे हम
बैठकर घर की चारदीवारी में
कैसा होता है मौसम
जब पड़ती है झमाझम बारिश

भीग जाता है कण कण
मिटती है प्यास धरा की
जब पड़ती है बारिश
निखर जाती है खूबसूरती धरा की

आते है सैलाब नदी में
झरनों में यौवन आता है
जब बारिश होती है
दिलों में प्यार आता है

कहीं मिलन का मौसम तो
कहीं विरह की आग होती है
बारिश की बूंदों की छुअन
तो बड़ी कमाल होती है

गिरती है जब ये बूंदें पेड़ पौधों पर
कुछ ओस बनकर ठहर जाती है
मिलकर फिर सूरज की किरणों से
वो आंखों से ओझल हो जाती है

क्या जादू है इस बारिश में
जंगल में मोर भी नाचते है
थिरकते है पांव उनके जब
वो मनमोहक दृश्य होते है

भेज रहा जो बारिश में, धरती को प्यार अपना
विरह पीड़ा महसूस कर रहा, वो आसमां भी
पाकर बारिश आसमां से, तृप्त हो गई धरा
है तृप्त, धरा से कोहरे को आते देख, आसमां भी।

Language: Hindi
12 Likes · 2 Comments · 643 Views
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