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20 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-491💐

ये गुलाब और ये चाँद सितारे तोड़ना मोहब्बत में,
कितना झूठ है रे कैसा इल्म दिखाते हैं मोहब्बत में,
मेरा महबूब इतना सच्चा,कहा बे-एतिबार लो मुझसे,
ज़िंदगी भर तड़पना,ये तौसीक़ हैं मेरी मोहब्बत में।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
254 Views
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