Oct 17, 2016 · 1 min read

यूँ रहने दो

यूँ रहने दो
✍✍✍✍✍

बादलों को यूँ ना शरमाने दो
कि चाँदनी जमीं पर उतर आए
आहिस्ता आहिस्ता फरियाद मेरी भी पहुँचने दो

चाँद लजाया हुआ है देख तेरा लावण्य
ठण्डी ठण्डी किसमयी श्वास भरता
अधरों को मेरे यूँ सटाये हुए हुए बस यूँ रहने दो

72 Likes · 213 Views
You may also like:
पिता की छांव
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
पिता
pradeep nagarwal
श्रीराम
सुरेखा कादियान 'सृजना'
**दोस्ती हैं अजूबा**
Dr. Alpa H.
मां की महानता
Satpallm1978 Chauhan
पिता
Satpallm1978 Chauhan
👌राम स्त्रोत👌
DR ARUN KUMAR SHASTRI
नीड़ फिर सजाना है
Saraswati Bajpai
यदि मेरी पीड़ा पढ़ पाती
Saraswati Bajpai
मत बना किसी को अपनी कमजोरी
Krishan Singh
सार्थक शब्दों के निरर्थक अर्थ
Manisha Manjari
"ईद"
Lohit Tamta
जागीर
सूर्यकांत द्विवेदी
भेड़ चाल में फंसी माँ
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
आध्यात्मिक गंगा स्नान
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
पिता भगवान का अवतार होता है।
Taj Mohammad
ऐ मेघ
सिद्धार्थ गोरखपुरी
अप्सरा
Nafa writer
बाबू जी
Anoop Sonsi
प्रार्थना
Anamika Singh
Waqt
ananya rai parashar
आदमी कितना नादान है
Ram Krishan Rastogi
पिता
Anis Shah
नमन!
Shriyansh Gupta
प्रारब्ध प्रबल है
सिद्धार्थ गोरखपुरी
न तुमने कुछ न मैने कुछ कहा है
ananya rai parashar
बचपन
Anamika Singh
तेरी याद में
DR ARUN KUMAR SHASTRI
वतन से यारी....
Dr. Alpa H.
आप ऐसा क्यों सोचते हो
gurudeenverma198
Loading...