Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Jun 4, 2021 · 1 min read

यारों

जरा जिन्दगी को ठहरने दो यारों
छुपे अरमाँ को दिल से निकलने दो यारों

बिना ही कहें रूक जाये कभी तो
थमें है कदम फिर से चलने दो यारों

ढलेगी जबानी बुढ़ापे में तेरी कभी तो
मुहब्बत जवाँ दिल को करने दो यारों

उसे रूखसत आज हमसे करो जो
किसी भी घडी क्यों बिलखने दो यारों

भले देख लो आज सपने हसीँ तुम
मगर पाँव को तो जमीं पे तो टिकने दो यारों

75 Likes · 1 Comment · 260 Views
You may also like:
कोई ठांव मुझको चाहिए
Saraswati Bajpai
क्या होता है पिता
gurudeenverma198
खुद को भी
Dr fauzia Naseem shad
मजदूर_दिवस_पर_विशेष
संजीव शुक्ल 'सचिन'
याद बीते दिनों की - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
अधूरा यज्ञ (नाटक)*
Ravi Prakash
कुछ कहता है सावन
Ram Krishan Rastogi
वक़्त
Mahendra Rai
हिसाब मोहब्बत का।
Taj Mohammad
एक नज़म [ बेकायदा ]
DR ARUN KUMAR SHASTRI
'खिदमत'
Godambari Negi
अब मैं
gurudeenverma198
नीति प्रकाश : फारसी के प्रसिद्ध कवि शेख सादी द्वारा...
Ravi Prakash
घृणित नजर
Dr Meenu Poonia
पिंजरबद्ध प्राणी की चीख
AMRESH KUMAR VERMA
ज़िंदगी में न ज़िंदगी देखी
Dr fauzia Naseem shad
वादी ए भोपाल हूं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
ईद अल अजहा
Awadhesh Saxena
हाइकु: आहार।
Prabhudayal Raniwal
पिता की याद
Meenakshi Nagar
मांँ की लालटेन
श्री रमण 'श्रीपद्'
गीत -
Mahendra Narayan
✍️🌺प्रेम की राह पर-46🌺✍️
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
बेजुबान
Dhirendra Panchal
स्वाधीनता
AMRESH KUMAR VERMA
बस तुम ही तुम हो।
Taj Mohammad
✍️✍️याद✍️✍️
"अशांत" शेखर
मुकरिया__ चाय आसाम वाली
Manu Vashistha
भगवान श्री परशुराम जयंती
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
"सावन-संदेश"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
Loading...